
इंदौर। लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ (Save Democracy—Eliminate Anarchy) के नारे के साथ आज सुबह सुभाष नगर चौराहे (Subhash Nagar Intersection) से पदयात्रा (Foot journey) शुरू हुई। पदयात्रा में सभी विधानसभा क्षेत्रों के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में नजर आए। वहीं सुबह 10 बजे से कार्यकर्ताओं के जत्थे पहुंचना शुरू हो गए थे। यात्रा में शामिल होने के लिए केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया (Mansukh Mandaviya), मुख्यमंत्री (CM) मोहन यादव (Mohan Yadav), प्रदेश प्रभारी विप्लव देव सुबह ही इंदौर पहुंचे।
सुभाष नगर से यात्रा शुरू हुई, जिसमें आगे-आगे संत समाज के लोग मौजूद थे तो उसके बाद विभिन्न समाजों के प्रमुख पदयात्रा में चल रहे थे। इसके बाद विधानसभा के कार्यकर्ताओं के जत्थे यात्रा में शामिल हुए। सुभाष नगर चौराहे पर एक बड़ा मंच लगा रखा था, जहां से यात्रा की शुरुआत हुई। मंत्री ने खुद यात्रा की बागडोर अपने हाथ में ली और कार्यकर्ताओं को निर्देशित करते रहे। कार्यकर्ताओं के हाथों में लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ की तख्तियां थीं तो भाजपाई नारे लगाते हुए चल रहे थे। समाज के लोगों के पीछे केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया, मुख्यमंत्री मोहन यादव, प्रदेश प्रभारी विप्लव देव, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, तुलसी सिलावट सहित सभी विधायक शामिल हुए। पदयात्रा का समापन पाटनीपुरा चौराहे पर हुआ, जहां सभी वरिष्ठ नेताओं ने संबोधित किया।

नेताओं ने देश में चल रहे माहौल को लेकर निशाना साधा और कहा कि इस देश में बांग्लादेश, नेपाल जैसी साजिश की जा रही है, जिसको भाजपा सफल नहीं होने देगी। उन्होंने कहा कि जिस तरह से कॉकरोच जनता पार्टी के नाम पर प्रदेश में युवाओं को इकट्ठा कर बरगलाया जा रहा है, यह साजिश भी बेनकाब होगी। पदयात्रा के दौरान शहर में पहली बार इतनी बड़ी संख्या में आमजन भी नजर आए, जो व्यापारी एसोसिएशन और अपने-अपने प्रोफेशन से जुड़े थे।

नाराज हुए विजयवर्गीय
यात्रा संयोजक कैलाश विजयवर्गीय यात्रा मार्ग का निरीक्षण करने जब निकले तो उन्होंने सुभाष नगर चौराहे पर एक सजा हुआ रथ देखा। जब स्थानीय नेताओं से इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि यह बड़े नेताओं के लिए बनाया गया है। इस पर वे नाराज हो गए और कहा कि यह तो पदयात्रा है, न कि रथयात्रा। यात्रा शुरू होने के पहले नेता असमंजस में रहे कि रथ को यात्रा में शामिल करें या नहीं?

झलकियां
यात्रा मार्ग पर विधानसभा क्षेत्रों के हिसाब से मंच लगा रखे थे।
सबसे बड़ा मंच तीन पुलिया चौराहे पर विधानसभा 2 का लगा।
तीन पुलिया से लेकर पाटनीपुरा तक दोनों ओर भगवा पताकाएं फहरा रही थीं।
सुबह 10 बजे तक ट्रैफिक चलने दिया गया, उसके बाद दूसरे वाहन बंद कर दिए गए।
बलाई समाज के लोग भी बड़ी संख्या में तिरंगे झंडे के साथ नजर आए।
सभी विधानसभा क्षेत्रों में सबसे पहले नाश्ता करवाया गया, उसके बाद सभी सुभाष नगर चौराहे पहुंचे।
सुबह सुभाष नगर से परदेशीपुरा जाने वाला रास्ता बंद कर दिया तो गलियों में लगा जाम।
यात्रा संयोजक कैलाश विजयवर्गीय यात्रा से जुड़े लोगों से संपर्क करते हुए चल रहे थे।
यात्रा में आने वाले वाहनों को चिमनबाग के पास रोका तो उन्होंने बड़े नेताओं से शिकायत की।
चारों ओर से वाहनों को रोक दिया गया था। इसकी शिकायत जब विजयवर्गीय तक पहुंची तो वे पुलिस अधिकारियों पर नाराज हुए। उन्होंने कहा कि लोग यहां पहुंच नहीं पा रहे हैं, आप व्यवस्था करवाओ।
किन्नर समाज के लोग भी हाथों में तिरंगा लिए पदयात्रा में शामिल हुए।
यात्रा में बड़ी संख्या में स्कूल और कालेज के विद्यार्थी भी तख्तियां लेकर शामिल हुए।
सुबह से पाटनीपुरा चौराहे पर बड़ी संख्या में यातायात विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे।
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