img-fluid

संसद में होगी आर-पार की जंग…वोट चोरी के आरोपों पर अमित शाह की राहुल-अखिलेश को खुली चुनौती

October 30, 2026

नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Union Home Minister Amit Shah) ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव को खुली चुनौती दी है. शाह ने कहा कि CEC और SIR को लेकर उठे विवाद पर भारतीय जनता पार्टी संसद में चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है. उन्होंने कहा कि पार्टी के पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है और इसके लिए संसद का विशेष सत्र भी बुलाया जा सकता है. शाह का आरोप है कि विपक्ष बहस करना ही नहीं चाहता, इसलिए संसद नहीं चलने देता और सिर्फ हंगामा करता है.

विपक्ष का कहना है कि चुनावों में वोट चुराए गए. इसी पर जवाब देते हुए शाह ने राहुल गांधी को “राहुल बाबा” कहा और उनके साथ अखिलेश यादव का नाम लेकर कहा कि दोनों यहीं और अभी उनकी चुनौती स्वीकार करें. शाह ने अपनी पार्टी की जीत का पूरा हिसाब भी गिनाया. उन्होंने कहा कि हरियाणा में भाजपा ने सबसे ज्यादा सीटें जीतकर सरकार बनाई. महाराष्ट्र में एनडीए को सबसे बड़ी हिस्सेदारी मिली और वहां भी सरकार बनी. बिहार में पहली बार भाजपा का मुख्यमंत्री बना. दिल्ली में तीन दशक बाद भाजपा की सरकार बनी. पुडुचेरी में पार्टी ने एक बार फिर सरकार बनाई. असम में भाजपा ने 100 सीटें जीतकर हैट्रिक लगाई. बंगाल के बारे में शाह ने कहा कि वहां ममता बनर्जी का पूरी तरह सफाया हो गया.

शाह के मुताबिक बंगाल के नतीजों के बाद विपक्ष समझ गया है कि वह चुनाव नहीं जीत सकता. उन्होंने खेल की मिसाल देते हुए कहा कि जब कोई टीम मैच हार जाती है, तो उसे बैठकर और ज्यादा अभ्यास करना चाहिए. यही उम्मीद भी की जाती है. लेकिन राहुल बाबा अलग मिट्टी के बने हैं. यही बात अखिलेश और उनके साथ खड़े इंडिया गठबंधन के बाकी नेताओं पर भी लागू होती है. शाह का कहना है कि हार मानने की जगह ये लोग अंपायर पर बेईमानी का आरोप लगाने लगे और कहने लगे कि वोट चुरा लिए गए.

इसके बाद शाह ने सीधी चुनौती रखी. उन्होंने कहा कि भाजपा इस मुद्दे पर संसद में बात करने को तैयार है और उसके पास कुछ भी छिपाने को नहीं है. चाहें तो विशेष सत्र बुला लिया जाए. मगर शाह का दावा है कि विपक्ष का वहां बोलने का कोई इरादा ही नहीं है. उनके मुताबिक विपक्ष संसद को चलने नहीं देता और सिर्फ शोर मचाता है.

Share:

  • रजामंदी से बने संबंध ब्रेकअप के बाद रेप नहीं, इससे पुरुषों की आजादी पर असर…सुप्रीम कोर्ट

    Fri Oct 30 , 2026
    नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) का कहना है कि कानून बनाने वालों का कभी यह इरादा नहीं था कि आपसी रजामंदी से बने प्रेम संबंधों के दौरान बालिगों के बीच हुए यौन संबंधों को, रिश्ता खत्म हो जाने के बाद, पुराने समय से लागू करते हुए इसे अपराध मान लिया जाए. देश की सबसे […]
    सम्बंधित ख़बरें
    लेटेस्ट
    खरी-खरी
    का राशिफल
    जीवनशैली
    मनोरंजन
    अभी-अभी
  • Archives

  • ©2026 Agnibaan , All Rights Reserved