
नई दिल्ली: दिवाली (Diwali 2026) से पहले इस बार खरीदारी और निवेश के लिहाज से बेहद खास संयोग बनने जा रहा है. ज्योतिषीय गणना के अनुसार, 1 और 2 नवंबर 2026 को लगातार दो दिन पुष्य नक्षत्र का शुभ संयोग रहेगा. खास बात ये है कि इन दोनों दिनों में आठ-आठ शुभ योगों का ऐसा दुर्लभ मेल बन रहा है, जिसे करीब 128 साल बाद बनने वाला संयोग बताया जा रहा है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इन शुभ संयोगों में सोना-चांदी खरीदना, नया कारोबार शुरू करना और संपत्ति में निवेश करना बेहद फलदायी माना जाता है. ऐसे में दीवाली से पहले लोगों के पास धनतेरस जैसा शुभ खरीदारी का अवसर रहेगा.
ज्योतिष शास्त्र में 27 नक्षत्रों में पुष्य नक्षत्र को बेहद शुभ माना गया है. इसे नक्षत्रों का राजा भी कहा जाता है. मान्यता है कि इस नक्षत्र में खरीदी गई चीजें लंबे समय तक सुख-समृद्धि प्रदान करती हैं. यही वजह है कि पुष्य नक्षत्र में सोना, चांदी, मकान, जमीन और वाहन खरीदने के साथ-साथ नए काम की शुरुआत करना भी शुभ माना जाता है. इस बार रविवार को रवि पुष्य योग और सोमवार को पुष्य नक्षत्र के साथ कई अन्य शुभ योगों का मेल बन रहा है. आइए जानते हैं इन दोनों दिनों में कौन-कौन से शुभ संयोग बनेंगे और किन चीजों की खरीदारी करना अच्छा माना गया है.
1 नवंबर को बनेगा रवि पुष्य योग
रविवार, 1 नवंबर 2026 को सुबह 10 बजकर 16 मिनट से पुष्य नक्षत्र की शुरुआत होगी, जो अगले दिन यानी 2 नवंबर को सुबह 8 बजकर 50 मिनट तक रहेगा. रविवार के दिन पुष्य नक्षत्र पड़ने से रवि पुष्य योग का निर्माण होगा. ज्योतिष में इस योग को खरीदारी, निवेश और नए काम की शुरुआत के लिए बेहद शुभ माना जाता है.
इस दिन रवि पुष्य योग के साथ शंख, लक्ष्मी, शश, हर्ष, सरल, साध्य, मित्र और गजकेसरी योग भी बनेंगे. इसके अलावा मंगल और चंद्रमा की युति भी इस दिन के ज्योतिषीय महत्व को बढ़ाएगी. इन शुभ संयोगों में सोने-चांदी के आभूषण, वाहन, जमीन और मकान खरीदना अच्छा माना जाता है. वहीं, जो लोग नया व्यापार शुरू करने या किसी नए काम की योजना बना रहे हैं, उनके लिए भी यह दिन खास हो सकता है.
2 नवंबर को भी रहेगा पुष्य नक्षत्र का शुभ संयोग
सोमवार, 2 नवंबर को सुबह 8 बजकर 50 मिनट तक पुष्य नक्षत्र रहेगा. इस दिन भी कई शुभ योगों का मेल बन रहा है. सोमवार को पुष्य नक्षत्र के साथ सर्वार्थसिद्धि, शुभ, श्रीवत्स, अमला, वाशि और सरल जैसे योग बनेंगे. इसके अलावा अमृतसिद्धि और सर्वार्थसिद्धि योग भी इस दिन को विशेष बनाएंगे.
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, इन योगों में किए गए शुभ कार्यों में सफलता मिलने की संभावना बढ़ती है. ऐसे में इस दिन भी सोना-चांदी खरीदने, नया निवेश करने और कारोबार से जुड़े महत्वपूर्ण फैसले लेने के लिए अच्छा अवसर माना जा रहा है. खासकर व्यापारी वर्ग के लिए नए बही-खाते शुरू करने और अपने कारोबार को आगे बढ़ाने की योजना बनाने का ये अच्छा समय हो सकता है.
पुष्य नक्षत्र में क्या खरीदना है शुभ?
पुष्य नक्षत्र में सोना खरीदने की परंपरा काफी पुरानी है, लेकिन इस नक्षत्र का महत्व सिर्फ आभूषणों की खरीदारी तक सीमित नहीं है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इन दो दिनों में कई दूसरी चीजें खरीदना भी शुभ माना जाता है.
सोना-चांदी: इस नक्षत्र में सोने और चांदी के आभूषण खरीदने से सुख-समृद्धि आने की मान्यता है.
जमीन और मकान: भूमि, भवन या फ्लैट की बुकिंग के लिए भी ये दोनों दिन शुभ माने जाते हैं.
वाहन: नई गाड़ी या अन्य वाहन खरीदने की योजना बना रहे हैं तो इस दौरान खरीदारी कर सकते हैं.
दुकान और मशीनरी: कारोबार बढ़ाने के लिए नई दुकान, मशीनरी या व्यापार से जुड़ा सामान खरीदना अच्छा माना जाता है.
बही-खाते: व्यापारी इस शुभ अवसर पर नए बही-खाते शुरू कर सकते हैं.
पूजा सामग्री: चांदी, तांबे और स्फटिक से बनी पूजन सामग्री खरीदना भी शुभ माना जाता है.
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