शिमला। हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) के शिमला जिले के रामपुर से चार बार विधायक रहे कांग्रेस नेता और सातवें राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष नंद लाल (Nand Lal) का मंगलवार सुबह निधन हो गया। वह 72 वर्ष के थे और लंबे समय से गंभीर बीमारियों से जूझ रहे थे। उन्होंने शिमला के अटल सुपर स्पेशियलिटी आयुर्विज्ञान संस्थान, चमियाना में सुबह करीब 5:30 बजे अंतिम सांस ली। उनके निधन से कांग्रेस पार्टी और रामपुर क्षेत्र में शोक की लहर है।
नंद लाल को किडनी संबंधी परेशानी थी और वह प्रोस्टेट कैंसर से भी पीड़ित थे। कई वर्षों से उनका नियमित डायलिसिस चल रहा था। सोमवार, 2 नवंबर को उनकी हृदय गति अचानक कम होने पर उन्हें शिमला के आईजीएमसी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बाद में करीब तीन बजे उन्हें चमियाना अस्पताल स्थानांतरित किया गया, जहां मंगलवार सुबह उनका निधन हो गया।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने सोमवार शाम अस्पताल पहुंचकर उपचाराधीन विधायक नंद लाल से मुलाकात की थी और उनके स्वास्थ्य की जानकारी लेते हुए शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की थी। मंगलवार को उनके निधन पर मुख्यमंत्री ने गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि रामपुर के विधायक और सातवें राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष नंद लाल के निधन का समाचार अत्यंत दुखद है। वह अपने सिद्धांतों पर अडिग रहने वाले और पार्टी के प्रति निष्ठावान नेता थे। स्पष्ट विचारों वाले उनके व्यक्तित्व को सदैव याद किया जाएगा। उन्होंने सार्वजनिक जीवन में समाज के प्रति समर्पित रहकर कार्य किया।
नंद लाल का जन्म 16 अप्रैल 1954 को शिमला जिले के रामपुर क्षेत्र के ढियोथी गांव में हुआ था। उन्होंने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय से वर्ष 1976 में राजनीति विज्ञान में एमए किया। इसके बाद उन्होंने भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) में नौकरी शुरू की। वर्ष 1980 से 2007 तक आईटीबीपी में सेवाएं देने के बाद वह स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेकर अतिरिक्त महानिदेशक (एडीजी) के पद से सेवानिवृत्त हुए। उनके परिवार में एक बेटा है।
वर्ष 1985 में वह विशेष सुरक्षा समूह (एसपीजी) में शामिल हुए और 1997 तक इस समूह में सेवाएं दीं। अपने सेवाकाल में उन्होंने कई महत्वपूर्ण राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों में सुरक्षा संबंधी जिम्मेदारियां निभाईं। इनमें वर्ष 1982 के एशियाई खेल और वर्ष 1983 में नई दिल्ली में आयोजित गुटनिरपेक्ष देशों की बैठक भी शामिल थी।
वीरभद्र सिंह के करीबी नेताओं में थी गिनती
नंद लाल ने वर्ष 2007 में सरकारी सेवा से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेने के बाद राजनीति में कदम रखा। उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर रामपुर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। वह पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के करीबी नेताओं में गिने जाते थे। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने लगातार चौथी बार जीत दर्ज की थी। इस चुनाव में उनकी जीत का अंतर करीब 570 वोट रहा था।
राजीव भवन में रखे जाएंगे पार्थिव शरीर के अंतिम दर्शन
नंद लाल के पार्थिव शरीर को मंगलवार सुबह 10 बजे शिमला स्थित कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा। इस दौरान पार्टी के नेता और कार्यकर्ता उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।
अंतरराष्ट्रीय लवी मेला-2026 के कार्यक्रम स्थगित
रामपुर के विधायक नंद लाल के निधन के बाद राज्य सरकार ने शोक स्वरूप रामपुर के प्रसिद्ध अंतरराष्ट्रीय लवी मेले के तहत 3 नवंबर को आयोजित होने वाले पूर्व निर्धारित कार्यक्रम स्थगित कर दिए हैं।
उपमंडल प्रशासन रामपुर बुशहर की ओर से जारी संदेश में कहा गया कि नंद लाल का निधन रामपुर क्षेत्र और पूरे प्रदेश के लिए अपूरणीय क्षति है। सार्वजनिक जीवन में उनके योगदान और क्षेत्र के विकास के लिए किए गए कार्यों को सदैव याद किया जाएगा। प्रशासन ने दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शोक संतप्त परिवार और उनके शुभचिंतकों के प्रति संवेदना व्यक्त की है।
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