
नई दिल्ली । सीबीआई (CBI) ने कहा कि हैरी बॉक्सर को अमेरिका से भारत लाना (Bringing Harry Boxer from America to India) आसान नहीं होगा (Will not be Easy) ।
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जुड़े सूत्रों ने बताया कि भले लॉरेंस बिश्नोई गैंग के कुख्यात शूटर हैरी बॉक्सर को कैलिफोर्निया में अमेरिकी एजेंसी आईसीई (अमेरिका आव्रजन और सीमा शुल्क प्रवर्तन) ने हिरासत में लिया है, लेकिन कानूनी तकनीकी बारीकियां के चलते उसके प्रत्यर्पण में महीनों लग सकते हैं। सीबीआई सूत्रों के अनुसार, हैरी बॉक्सर को इमिग्रेशन वायलेशन के तहत हिरासत में लिया गया है, न कि भारत के क्रिमिनल केस में। इस स्थिति में अमेरिका में उसे पहले इमिग्रेशन कोर्ट की प्रक्रिया से गुजरना होगा। उसकी सुनवाई होगी।
इसके बाद भारत को औपचारिक रूप से प्रत्यर्पण संधि के तहत डोजियर भेजना होगा, जिसमें उसके खिलाफ राजस्थान, पंजाब, दिल्ली और मुंबई में दर्ज सभी एफआईआर, चार्जशीट और वॉयस क्लिप के फॉरेंसिक सबूत शामिल होंगे। सीबीआई सूत्रों ने आईएएनएस को बताया कि अमेरिका में प्रत्यर्पण की प्रक्रिया बेहद लंबी है। आरोपी को वहां के कोर्ट में अपील करने का पूरा मौका मिलता है। कई मामलों में आरोपी राजनीतिक शरण का दावा भी कर देता है, जिससे प्रक्रिया और लंबी हो जाती है।
वहीं, दूसरी बड़ी मुश्किल यह है कि बॉक्सर के खिलाफ ज्यादातर केस राज्य पुलिस के हैं। ऐसे में सभी राज्यों के केसों को एक सिंगल डोजियर में समेटकर सीबीआई के जरिए विदेश मंत्रालय को भेजना होगा। फिलहाल, दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और मुंबई क्राइम ब्रांच ने केंद्रीय एजेंसियों को उसके खिलाफ दस्तावेज सौंपने शुरू कर दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि जब तक अमेरिका की कोर्ट से ग्रीन सिग्नल नहीं मिलता, तब तक हैरी बॉक्सर को भारत लाना संभव नहीं है।
बता दें कि हरि बॉक्सर हत्या, धमकी और रंगदारी वसूल करने के कई मामले दर्ज हैं। आरोप है कि वह अमेरिका में बैठकर लॉरेंस बिश्नोई गैंग को ऑपरेट कर रहा था। उसने फिल्म निर्देशक रोहित शेट्टी के घर के बाहर फायरिंग की भी जिम्मेदारी ली थी। हरि बॉक्सर ने रोहित शेट्टी के घर के बाहर फायरिंग के बाद सोशल मीडिया पोस्ट और ऑडियो के जरिए बॉलीवुड के लोगों को धमकी दी थी।
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