
नई दिल्ली । 25 जून को पड़ने वाली निर्जला एकादशी (Nirjala Ekadashi) इस वर्ष धार्मिक महत्व के साथ-साथ ज्योतिषीय दृष्टि से भी विशेष मानी जा रही है। ज्योतिष गणनाओं के अनुसार इस दिन शनि (Saturn) और शुक्र (Venus) के बीच बनने वाला नवपंचम राजयोग (Navpancham Rajyog) कई राशियों (Zodiac Signs) के लिए शुभ परिणाम लेकर आ सकता है। ग्रहों की यह स्थिति आर्थिक उन्नति, करियर में प्रगति, पारिवारिक सुख और सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि के संकेत दे रही है।
ज्योतिष शास्त्र में नवपंचम राजयोग को अत्यंत प्रभावशाली और शुभ योगों में गिना जाता है। यह योग तब बनता है जब दो ग्रह पंचम और नवम भाव के संबंध में स्थित हों। शनि और शुक्र के बीच बनने वाला यह त्रिकोणीय संबंध लगभग 120 डिग्री के कोण पर स्थापित होता है, जिसे सौभाग्य, उन्नति और सकारात्मक अवसरों का सूचक माना जाता है। विशेष बात यह है कि शनि और शुक्र को परस्पर मित्र ग्रह माना गया है, इसलिए इनका यह योग शुभ प्रभावों को और अधिक मजबूत करता है।
विशेषज्ञों के अनुसार वृषभ राशि के जातकों के लिए यह समय करियर और व्यवसाय के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धियां लेकर आ सकता है। लंबे समय से लंबित योजनाओं को गति मिलने की संभावना है। नौकरीपेशा लोगों को वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग प्राप्त हो सकता है, जबकि व्यापार से जुड़े लोगों को नए अनुबंध या लाभकारी समझौते मिलने के संकेत हैं। आर्थिक स्थिति में सुधार और सामाजिक सम्मान में वृद्धि के भी योग बन रहे हैं।
मिथुन राशि के लोगों के लिए यह राजयोग आय के नए स्रोतों का मार्ग खोल सकता है। वित्तीय मामलों में सकारात्मक परिणाम मिलने की संभावना जताई जा रही है। व्यापार या नौकरी के सिलसिले में की गई यात्राएं लाभदायक साबित हो सकती हैं। पारिवारिक जीवन में भी सामंजस्य बढ़ने के संकेत हैं। पुराने मतभेद समाप्त हो सकते हैं और वैवाहिक संबंधों में मधुरता आने की संभावना है।
कन्या राशि के जातकों के लिए यह योग विशेष रूप से आर्थिक दृष्टि से लाभकारी माना जा रहा है। पुराने निवेशों से लाभ प्राप्त हो सकता है। नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारियां मिलने के साथ पदोन्नति के अवसर भी प्राप्त हो सकते हैं। प्रशासनिक और प्रबंधन से जुड़े क्षेत्रों में कार्यरत लोगों को बेहतर प्रदर्शन का लाभ मिल सकता है। वहीं रचनात्मक क्षेत्रों जैसे लेखन, कला, मीडिया और डिजिटल कंटेंट निर्माण से जुड़े लोगों के लिए भी यह समय अनुकूल माना जा रहा है।
कुंभ राशि के लिए यह राजयोग आत्मविश्वास और निर्णय क्षमता को मजबूत करने वाला माना जा रहा है। व्यवसाय के विस्तार, नई योजनाओं की शुरुआत और निवेश संबंधी फैसलों में सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं। लंबे समय से चली आ रही मानसिक चिंताओं में कमी आने के संकेत हैं। स्वास्थ्य और कार्यक्षमता में सुधार भी देखने को मिल सकता है। नए प्रोजेक्ट शुरू करने या उद्यमिता की दिशा में कदम बढ़ाने के लिए यह अवधि अनुकूल मानी जा रही है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार निर्जला एकादशी भगवान विष्णु की आराधना के लिए अत्यंत पवित्र मानी जाती है। इस अवसर पर पूजा-पाठ, व्रत, दान और सेवा कार्यों का विशेष महत्व बताया गया है। माना जाता है कि श्रद्धा और नियमपूर्वक किए गए धार्मिक कार्यों से शुभ ग्रहयोगों के सकारात्मक प्रभाव और अधिक बढ़ सकते हैं। इसी कारण इस वर्ष निर्जला एकादशी और नवपंचम राजयोग का संयोग श्रद्धालुओं और ज्योतिष में रुचि रखने वाले लोगों के बीच विशेष चर्चा का विषय बना हुआ है।
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