
नई दिल्ली: छत्रपति संभाजीनगर में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की दो दिवसीय कोर कमेटी की बैठक शुरू है. बैठक के पहले दिन संगठन के प्रमुख अभिजीत दिपके और प्रवक्ता सौरभ दास ने मीडिया से बातचीत करते हुए संगठन की आगे की रणनीति, झारखंड छात्र आंदोलन और देशभर में संगठन के विस्तार को लेकर अपनी बात रखी.
अभिजीत दिपके ने कहा कि CJP झारखंड के छात्र आंदोलन का पूरा समर्थन करती है और संगठन का प्रतिनिधिमंडल झारखंड जाकर आंदोलनकारियों के साथ खड़ा होगा. उन्होंने कहा कि बैठक में देशभर में संगठन को मजबूत करने और आगे के रोडमैप पर चर्चा की जा रही है.
राजनीति में प्रवेश के सवाल पर दिपके ने कहा कि CJP की राजनीति में आने की कोई इच्छा नहीं है. उन्होंने कहा कि देश में राजनीतिक दलों की स्थिति चिंताजनक है, जहां विधायक और सांसद लगातार दल बदल रहे हैं. ईडी और सीबीआई जैसी एजेंसियों के जरिए राजनीतिक दलों को तोड़ने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर सभी को साथ आना होगा. उन्होंने बताया कि बैठक में मीडिया, न्यायपालिका, बेरोजगारी और E20 नीति जैसे मुद्दों पर भी चर्चा होगी.
दिपके ने बताया कि सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की तबीयत ठीक नहीं होने के कारण वह बैठक में शामिल नहीं हो सके. उन्होंने कहा कि बैठक के दूसरे दिन दोपहर दो बजे मीडिया को संगठन के अंतिम निर्णय और आगे की रणनीति की जानकारी दी जाएगी.
CJP के प्रवक्ता सौरभ दास ने कहा कि आंदोलन के दौरान जिन छात्रों पर लाठीचार्ज और पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया, उनके खिलाफ कार्रवाई करने वाले पुलिसकर्मियों की जवाबदेही तय होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि आंदोलन में घायल हुए छात्रों को पहले दिन से कानूनी और चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई जा रही है. केवल दिल्ली ही नहीं, बल्कि जिन-जिन राज्यों में आंदोलन हुए, वहां के आंदोलनकारियों की भी CJP मदद कर रही है.
सौरभ दास ने दावा किया कि सरकार के प्रतिनिधियों के साथ लगातार बातचीत जारी है, जिसके चलते कई राज्यों में आंदोलनकारियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस ली जा चुकी हैं, जबकि बाकी मामलों में भी कार्रवाई के लिए प्रयास जारी हैं।
आंदोलन में शामिल छात्राओं से माफी मंगवाए जाने और उनके खिलाफ कथित ऑनलाइन अभियान पर सौरभ दास ने कहा कि छात्राओं के खिलाफ डॉक्सिंग अभियान चलाया गया, जो पूरी तरह गलत और अवैध है. उन्होंने आरोप लगाया कि इस अभियान में भाजपा और आरएसएस समर्थक लोग शामिल थे और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए.
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