
मध्यप्रदेश में अब तक सामान्य से 6′ कम बारिश, इंदौर में 23′ की कमी
– प्रदेश के 55 में से 32 जिलों में सामान्य से कम, जबकि 23 में ज्यादा बारिश
– प्रदेश में सबसे सूखा इंदौर संभाग का आलीराजपुर, यहां अब तक सिर्फ 16.7 इंच बारिश, सामान्य से 49′ कम
इन्दौर। प्रदेश (Madhya Pradesh) के आसमान (Sky) पर असली बादलों (Clouds ) से ज्यादा चिंता के बादल मंडरा रहे हैं। ये बादल बारिश की कमी से उपजे हैं। मानसून अब विदाई की ओर है, लेकिन प्रदेश के बड़े हिस्से में बारिश (Rain) का आंकड़ा सामान्य तक नहीं पहुंच सका है। ऐसे में आने वाले दिनों में अच्छी बारिश नहीं हुई तो इसका असर खेतों से लेकर, नदी, तालाबों और भूजल स्तर पर भी दिखाई दे सकता है।
भोपाल मौसम केंद्र के मुताबिक 1 जून से शुरू हुए मानसून सीजन में अब तक प्रदेश में औसत 33.9 इंच बारिश दर्ज हुई है, जबकि इस अवधि में सामान्य बारिश 36.1 इंच होनी चाहिए थी। इस तरह प्रदेश अब भी सामान्य से 6 फीसदी पीछे है। चिंता इसलिए भी ज्यादा है क्योंकि 55 में से 32 जिलों में बारिश सामान्य से कम रही है। केवल 23 जिले ऐसे हैं, जहां बारिश सामान्य से ज्यादा हुई है। बारिश के इस आसमान वितरण के कारण भी प्रदेश के कई जिले सूखे की कगार पर हैं। पूरे प्रदेश को देखने पर जहां बारिश सामान्य से सिर्फ 6 प्रतिशत कम है, वहीं कई जिले ऐसे भी हैं, जहां सामान्य से 40 से 49 फीसदी कम बारिश हुई है।
आलीराजपुर सबसे ज्यादा पिछड़ा
प्रदेश में सबसे चिंताजनक स्थिति इंदौर संभाग में आने वाले आलीराजपुर की है। यहां अब तक सिर्फ 16.7 इंच बारिश हुई है, जबकि यहां की सामान्य बारिश 32.5 इंच है। यानी जिला सामान्य से 49 फीसदी पीछे है। इसके अलावा धार में 36, नर्मदापुरम में 34, रतलाम में 33 और झाबुआ में 32 फीसदी बारिश कम हुई है। दूसरी ओर कुछ जिलों में अच्छी बारिश ने प्रदेश के औसत को संभाल रखा है। निवाड़ी में सामान्य से 56 और मऊगंज में 51 फीसदी ज्यादा बारिश हुई है।
पश्चिमी मप्र में
ज्यादा चिंता
बारिश की कमी का सबसे ज्यादा असर पश्चिमी मध्यप्रदेश में दिखाई दे रहा है। यहां सामान्य से 10 फीसदी कम बारिश हुई है, जबकि पूर्वी मध्यप्रदेश में कमी 2 फीसदी है। पश्चिमी हिस्से के कई जिले सामान्य से काफी पीछे हैं और इनमें इंदौर भी शामिल है। इंदौर जिले में अब तक 24.9 इंच बारिश हुई है, जबकि सामान्य आंकड़ा 32.5 इंच है, वहीं बात इंदौर शहर की करें तो यहां सिर्फ 23.2 इंच बारिश ही हुई है, यानी शहर जिले के औसत से भी पीछे है, वहीं उज्जैन भी सामान्य से 25 फीसदी कम बारिश हुई है।
आने वाले दिनों में भी अच्छी बारिश की उम्मीद नहीं
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार मानसून सीजन का अंत 30 सितंबर को माना जाता है। इसमें सिर्फ 9 दिन बचे हैं। इन दिनों में भी प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में अच्छी बारिश की उम्मीद नजर नहीं आ रही है। कुछ जिलों में जरूर तेज बारिश मिल सकती है, लेकिन प्रदेश के ज्यादातर जिलों का सामान्य बारिश के स्तर तक भी पहुंचना मुश्किल लग रहा है।
इंदौर संभाग के 8 में से 6 जिले सामान्य से पीछे
इंदौर संभाग में सिर्फ आलीराजपुर ही सबसे पीछे नहीं है। संभाग के 8 जिलों में से 6 जिले सामान्य से पिछड़े हुए हैं। इनमें आलीराजपुर 49′ के बाद धार 36′, झाबुआ 32′, इंदौर 23′ बड़वानी 5′, और खंडवा 6′ की कमी के साथ शामिल है। सिर्फ दो जिले ऐसे हैं जहां सामान्य से ज्यादा बारिश हुई है इनमें खरगोन 10′ और बुरहानपुर 11′ के साथ आगे है।
सामान्य से ज्यादा बारिश वाले टॉप 5 जिले
जिला अब तक सामान्य अंतर
निवाड़ी 46.6 29.9 +56′
मऊगंज 55.9 37.1 +51′
सतना 51.8 36.0 +44′
सिंगरौली 42.5 33.1 +29′
भिंड 29.8 23.4 +27′
सामान्य से कम बारिश वाले टॉप 5 जिले
जिला अब तक सामान्य अंतर
आलीराजपुर 16.7 32.5 -49′
धार 19.3 30.3 -36′
नर्मदापुरम 31.6 48.2 -34′
रतलाम 23.4 34.7 -33′
झाबुआ 22.6 33.2 -32′
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved