
नई दिल्ली। पाकिस्तान (Pakistan) और अफगानिस्तान (Afghanistan) के बीच सीमा पर जारी तनाव अब सैन्य टकराव की नई स्थिति में पहुंचता दिख रहा है। तालिबान सरकार (Taliban government) ने दावा किया है कि उसने पाकिस्तान की सीमा के भीतर घुसकर आतंकी संगठन ISIS-K के ठिकानों पर ड्रोन से हमला (Drone attack) किया है। तालिबान के अनुसार, इन ठिकानों का इस्तेमाल अफगानिस्तान में नागरिकों पर हमलों की साजिश रचने के लिए किया जा रहा था।
तालिबान प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई पाकिस्तान के बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा प्रांतों में की गई। अफगानिस्तान के मीडिया संस्थान ‘टोलो न्यूज’ की रिपोर्ट के अनुसार, ड्रोन हमलों में ISIS-K के कई ठिकानों को निशाना बनाया गया। खैबर पख्तूनख्वा के सरान क्षेत्र में एक स्कूल भवन को भी नुकसान पहुंचा, जिसे कथित तौर पर आतंकियों ने ठिकाने के रूप में इस्तेमाल किया था। तालिबान का दावा है कि इस कार्रवाई में कई आतंकवादी मारे गए, जबकि किसी भी आम नागरिक को नुकसान नहीं हुआ।
यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब दो दिन पहले पाकिस्तान ने अफगानिस्तान की सीमा के अंदर हवाई हमले किए थे। संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन (UNAMA) की रिपोर्ट के मुताबिक, उस कार्रवाई में कम से कम 28 नागरिकों की मौत हुई थी, जबकि अफगान अधिकारियों ने मृतकों की संख्या 38 बताई थी, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे।
विश्लेषकों का मानना है कि अफगानिस्तान की यह कार्रवाई पाकिस्तान के हालिया हवाई हमलों का जवाब हो सकती है, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया है।
इस बीच भारत ने भी इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया दी है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान के हवाई हमलों की आलोचना करते हुए कहा कि किसी भी देश की सीमा में घुसकर हमला करना उसकी संप्रभुता का उल्लंघन है और इससे क्षेत्रीय शांति प्रभावित होती है। भारत ने यह भी कहा कि पाकिस्तान अक्सर अपनी आंतरिक समस्याओं से ध्यान भटकाने के लिए ऐसे कदम उठाता है।
फिलहाल पाकिस्तान अफगानिस्तान पर आतंकियों को शरण देने का आरोप लगाता रहा है, जबकि तालिबान का दावा है कि आतंकवाद पाकिस्तान की अपनी आंतरिक समस्या है। ताजा ड्रोन हमलों के बाद दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
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