
तेहरान. ईरानी बलों (Iranian forces) ने ओमान सागर (Sea of Oman) में एक ईरानी वाणिज्यिक जहाज (Iranian merchant ship) को कब्जे में लेने के बाद अमेरिकी युद्धपोतों (US warships) की ओर ड्रोन (drones) भेजे। ईरान के प्रेस टीवी ने यह जानकारी दी। इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड्स कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने दावा किया है कि ओमान सागर में मौजूद अमेरिकी सैनिकों को एक ईरानी व्यापारिक जहाज पर गोलीबारी करने के बाद पीछे हटना पड़ा।
मेहर समाचार एजेंसी के हवाले से कहा गया कि अमेरिकी सेना ने क्षेत्र में एक ईरानी व्यापारी जहाज को निशाना बनाया। उनका मकसद जहाज को वापस ईरानी समुद्री क्षेत्र में लौटने के लिए मजबूर करना था। रिपोर्ट के अनुसार यह घटना ऐसे समय हुई जब होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर तनाव बढ़ा हुआ है और अंतरराष्ट्रीय जहाजों की आवाजाही बंद है।
आईआरजीसी ने दावा किया कि अमेरिकी कार्रवाई के बाद उनकी नौसेना तुरंत मौके पर पहुंची। इसके कारण अमेरिकी सेना को पीछे हटना पड़ा। यह सब ईरानी जहाज की सुरक्षा के लिए हुआ। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि अमेरिका ने ईरान पर नौसैनिक नाकाबंदी लगाई है। यह नाकाबंदी तब लगाई गई, जब अमेरिका और इस्राइल की संयुक्त सैन्य कार्रवाई अपने लक्ष्य हासिल नहीं कर पाई।
तस्नीम एजेंसी के अनुसार, ईरानी सेना ने बोत्सवाना और अंगोला के ध्वज वाले दो तेल टैंकरों को रोका और उन्हें वापस लौटा दिया गया। ईरान के सैन्य मुख्यालय ने कहा, अमेरिका ने एक ईरानी जहाज पर हमला किया। इसे ‘समुद्री डकैती’ उसने चेतावनी दी कि इसका जवाब जल्द दिया जाएगा।
अमेरिका का दावा
अमेरिकी सेना की मध्य कमान (सेंटकॉम) के अनुसार, अमेरिकी सेना ने एक ईरानी जहाज तोस्का को रोका और उस पर गोलीबारी की क्योंकि उसने कथित तौर पर नाकाबंदी का उल्लंघन किया। बाद में जहाज को अमेरिकी कब्जे में ले लिया गया।
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