
लखनऊ। बनारस में समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं की ओर से पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के 53वें जन्मदिन पर एक विवादित पोस्टर जारी किया गया है। इस पोस्टर में अखिलेश यादव को भगवान विष्णु (कृष्ण रूप) के अवतार में दिखाकर उनकी पूजा-अर्चना की गई। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस घटना के बाद से सनातन धर्म के अनुयायियों, संतों, महंतों और ब्रजवासियों में गहरा रोष व्याप्त है। मामले पर आपत्ति जताते हुए फलाहारी महाराज दिनेश शर्मा ने कहा है कि किसी भी इंसान की तुलना भगवान से नहीं की जा सकती। उन्होंने इसे सनातन धर्म का उपहास उड़ाने वाला कृत्य बताते हुए सरकार से दोषी कार्यकर्ताओं पर कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के एक पोस्टर को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में अखिलेश यादव को भगवान विष्णु के कृष्ण स्वरूप के रूप में दर्शाते हुए उनकी पूजा-अर्चना किए जाने का दावा किया जा रहा है। इसको लेकर आपत्ति जताई गई है। श्री कृष्ण जन्मभूमि केस के मुख्य पक्षकार फलाहारी महाराज दिनेश शर्मा ने इस पूरे प्रकरण की निंदा की है। उन्होंने कहा है कि किसी भी राजनीतिक व्यक्ति या सामान्य इंसान की तुलना भगवान से करना धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला कृत्य है। उन्होंने कहा कि भगवान के स्वरूप का इस प्रकार राजनीतिक प्रचार या व्यक्तिपूजा के लिए उपयोग करना सनातन परंपरा का अपमान है। इसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved