
डेस्क: भारत में आईफोन यूजर्स की iOS 18 अपडेट से जुड़ी तकनीकी शिकायतों को लेकर एपल की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं. केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण यानी CCPA ने मामले की जांच तेज करते हुए एपल के खिलाफ विस्तृत जांच शुरू कर दी है. आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, आईफोन यूजर्स की ओर से बताई गई तकनीकी दिक्कतें अपडेट के करीब एक साल बाद भी सामने आ रही हैं. इससे पहले CCPA ने एपल से इन समस्याओं, इनके सामने आने के समय और उन्हें ठीक करने के लिए उठाए गए कदमों पर जवाब मांगा था.
सीसीपीए ने करीब एक साल पहले एपल को नोटिस भेजकर iOS 18 से जुड़ी तकनीकी समस्याओं पर विस्तृत जानकारी मांगी थी. प्राधिकरण ने एपल से पूछा था कि ये तकनीकी खामियां कब सामने आईं और कंपनी ने इन्हें दूर करने के लिए क्या कदम उठाए. अब इन समस्याओं के जारी रहने के बाद सीसीपीए ने मामले में विस्तृत जांच शुरू कर दी है. आधिकारिक सूत्रों ने इसकी पुष्टि की है. यानी मामला अब केवल एपल से जानकारी मांगने तक सीमित नहीं है, बल्कि उपभोक्ताओं की शिकायतों को लेकर नियामकीय स्तर पर आगे जांच की जा रही है.
उपभोक्ताओं की चिंताओं के बीच लोकलसर्कल्स के एक नए सर्वे में भी आईफोन यूजर्स की शिकायतों में बढ़ोतरी सामने आई है. प्लेटफॉर्म ने बताया कि जनवरी 2025 में जारी उसकी पिछली रिपोर्ट की तुलना में शिकायतें बढ़ी हैं. लोकलसर्कल्स अब अपने नए सर्वे के नतीजे सीसीपीए और अन्य संबंधित प्राधिकरणों के साथ साझा करेगा, ताकि जांच में इनका इस्तेमाल किया जा सके. संगठन ने एपल के खिलाफ क्लास एक्शन की मांग भी दोहराई है. उसका कहना है कि प्रभावित यूजर्स को अब तक समस्या का उचित समाधान नहीं मिला है.
लोकलसर्कल्स ने सीसीपीए की ओर से मामले को आगे बढ़ाने और एपल की सॉफ्टवेयर वारंटी की शर्तों की जांच किए जाने का स्वागत किया है. हालांकि, संगठन का कहना है कि जब तक लागू किए जा सकने वाले निर्देश या जुर्माने जैसे कदम नहीं उठाए जाते, तब तक प्रभावित उपभोक्ताओं को राहत काफी हद तक एपल की अपनी प्राथमिकताओं और समस्या की गंभीरता को सार्वजनिक रूप से स्वीकार करने की इच्छा पर निर्भर करेगी. इस बीच सीसीपीए की विस्तृत जांच iOS 18 से जुड़ी तकनीकी शिकायतों और एपल की ओर से उठाए गए कदमों पर केंद्रित है.
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