
आइची नागोया। भारत (India) ने एशियाई पैरा गेम्स 2026 (Asian Para Games 2026) में आज के दिन की शानदार शुरुआत की। भारत ने एशियाई पैरा गेम्स 2026 की पदक तालिका में लंबी छलांग लगाई है। बुधवार सुबह शानदार प्रदर्शन के दम पर भारतीय दल छठे से पांचवें स्थान पर पहुंच गया। भारत के खाते में अब 12 स्वर्ण, 14 रजत और 18 कांस्य समेत कुल 44 पदक हो गए हैं। इससे पहले भारत 10 स्वर्ण, 12 रजत और 16 कांस्य पदकों के साथ छठे स्थान पर था।
प्रवीण, आयुष और सचिन ने बढ़ाया भारत का गौरव
बुधवार सुबह भारतीय खिलाड़ियों (Indian players) ने एथलेटिक्स में शानदार प्रदर्शन किया। प्रवीण कुमार ने पुरुषों की हाई जंप टी44/64 स्पर्धा में 2.05 मीटर की छलांग लगाकर गेम्स रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक जीता। इसी स्पर्धा में बंटी ने रजत पदक अपने नाम किया। आयुष वर्मा ने पुरुषों की एफ53 शॉटपुट स्पर्धा में 8.16 मीटर के थ्रो के साथ स्वर्ण पदक जीता। वहीं, सचिन खिलारी ने पुरुषों की एफ46 शॉटपुट स्पर्धा में 15.87 मीटर के गेम्स रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इस स्पर्धा में मोहम्मद यासिर ने रजत और परवीन ने कांस्य पदक जीतकर भारत का दबदबा कायम किया।
ईरान को पछाड़कर पांचवें स्थान पर भारत
लगातार पदक जीतने का फायदा भारत को पदक तालिका में मिला है। भारतीय दल ने ईरान को पीछे छोड़कर पांचवां स्थान हासिल किया है। अब भारत की नजरें शीर्ष चार में जगह बनाने पर हैं। दक्षिण कोरिया 37 पदकों के साथ चौथे स्थान पर है। नागोया में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन जारी है और पदक तालिका में आगे बढ़ने की उम्मीदें भी बढ़ गई हैं।
नागोया में भारतीय खिलाड़ियों का दबदबा ऐसा रहा कि स्वर्ण, रजत और कांस्य तीनों पदक भारत की झोली में आए। सचिन ने रिकॉर्ड प्रदर्शन के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया, वहीं यासिर और परवीन ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत की इस ऐतिहासिक सफलता को पूरा किया।
नागोया में जारी एशियाई पैरा गेम्स 2026 में भारत की शीतल देवी और पायल नाग की जोड़ी ने महिला कंपाउंड डबल्स स्पर्धा में रजत पदक जीता। भारतीय जोड़ी को फाइनल में चीन के खिलाफ 141-150 से हार का सामना करना पड़ा। चीन ने शानदार निशानेबाजी करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। शीतल और पायल ने पूरे टूर्नामेंट में दमदार प्रदर्शन किया, लेकिन फाइनल में चीनी जोड़ी उन पर भारी पड़ी। इस स्पर्धा में भारत के नाम 157 अंकों का विश्व रिकॉर्ड भी है। हालांकि, खिताबी मुकाबले में चीन ने दबाव के बीच बेहतर प्रदर्शन करते हुए बाजी मार ली। भारतीय जोड़ी को रजत पदक से संतोष करना पड़ा।
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