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फ्रांस में शनिवार के प्रदर्शनों से पहले हाई अलर्ट, पुलिस के साथ सेना भी तैनात होगी, सरकार ने कसी कमर

October 21, 2026

नई दिल्ली। फ्रांस (France) में पिछले सप्ताह हुई हिंसा, तोड़फोड़ और लूटपाट की घटनाओं के बाद सरकार ने शनिवार को प्रस्तावित प्रदर्शनों (Protest) के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था (Security Arrangements) सख्त करने का फैसला किया है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस के साथ सैनिकों की भी तैनाती की जाएगी। प्रधानमंत्री सेबास्टियन लेकोर्नू (Prime Minister Sébastien Lecornu) ने मंगलवार को कहा कि शनिवार को सुरक्षा बलों की तैनाती बड़े पैमाने पर होगी। फिलहाल सरकार का मुख्य लक्ष्य हिंसा के बाद देश में सामान्य स्थिति बहाल करना है।

17 अक्टूबर को पेरिस, मार्सिले, लियोन समेत फ्रांस के कई शहरों में हिंसा और लूटपाट की घटनाएं सामने आई थीं। इन घटनाओं के बाद सरकार की कानून-व्यवस्था संभालने की क्षमता पर सवाल उठे। अब शनिवार को दोबारा बड़े प्रदर्शनों की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने पहले से ही सुरक्षा इंतजाम मजबूत करने शुरू कर दिए हैं।

प्रधानमंत्री बोले- हिंसा और गणराज्य में से एक को चुनना होगा
प्रधानमंत्री लेकोर्नू ने मौजूदा स्थिति को ‘हिंसा और गणराज्य’ के बीच चुनाव के तौर पर पेश किया। उन्होंने देश में हुई हिंसक घटनाओं के लिए अति-वामपंथी समूहों को जिम्मेदार ठहराया है।

हालांकि, संबंधित समूहों ने सरकार के आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि सरकार महंगाई, जीवन-यापन की बढ़ती लागत और सार्वजनिक सेवाओं में गिरावट को लेकर लोगों की नाराजगी को कम करके आंक रही है। इस तरह हिंसा को लेकर सरकार और विरोधी समूहों के बीच आरोप-प्रत्यारोप भी तेज हो गए हैं।


  • पेरिस समेत कई शहरों में बिगड़े थे हालात
    पिछले सप्ताह हुई हिंसा ने फ्रांस में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। पेरिस सहित कई बड़े शहरों में तोड़फोड़ और लूटपाट की घटनाएं हुईं। हालात पर काबू पाने में पुलिस को चुनौतियों का सामना करना पड़ा। इन घटनाओं के बाद सरकार ने आगामी प्रदर्शनों के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की योजना बनाई है।

    शनिवार को होने वाले प्रदर्शनों के मद्देनजर पुलिस और सेना की संयुक्त तैनाती के जरिए सार्वजनिक स्थलों की सुरक्षा बढ़ाने तथा हिंसा और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाली घटनाओं को रोकने पर जोर दिया जा रहा है।

    राष्ट्रपति चुनाव से पहले बढ़ा राजनीतिक तनाव
    फ्रांस में यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब अगले साल राष्ट्रपति चुनाव होने हैं। चुनाव से पहले देश का राजनीतिक माहौल पहले ही तनावपूर्ण बना हुआ है। चुनावी सर्वेक्षणों में दक्षिणपंथी और कट्टर वामपंथी विचारधारा वाले उम्मीदवारों को मजबूत समर्थन मिलता दिखाई दे रहा है।

    ऐसे में पिछले सप्ताह की हिंसा ने राजनीतिक तनाव को और बढ़ा दिया है। सरकार के सामने एक ओर कानून-व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती है, तो दूसरी ओर महंगाई, सार्वजनिक सेवाओं और जीवन-यापन की लागत जैसे मुद्दों पर लोगों की नाराजगी भी बनी हुई है।

    सरकार अब शनिवार के प्रदर्शनों को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में जुटी है। पुलिस के साथ सैनिकों की तैनाती और व्यापक सुरक्षा अभियान के जरिए हिंसा, तोड़फोड़ और लूटपाट पर रोक लगाने की कोशिश की जाएगी।

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