
नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (Cockroach Janata Party )यानी CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके (Founder Abhijeet Deepke)को एक बार फिर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन(National Democratic Alliance) यानी NDA में शामिल होने का न्योता दिया गया है। केंद्रीय सामाजिक न्याय (Union Social Justice)एवं अधिकारिता राज्य मंत्री और रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया के प्रमुख रामदास आठवले ने दीपके को अपनी पार्टी से जुड़ने का खुला प्रस्ताव दिया है। आठवले का कहना है कि यदि अभिजीत दीपके उनकी पार्टी में शामिल होते हैं तो उनका स्वागत किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि बाबासाहेब आंबेडकर के विचारों और उनके राजनीतिक सपने को आगे बढ़ाने के लिए युवाओं की भागीदारी जरूरी है।
रामदास आठवले ने यह बयान नागपुर में मंगलवार को आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दिया। उन्होंने कहा कि अभिजीत दीपके भी आंबेडकरवादी हैं और यदि वे उनकी पार्टी के साथ जुड़ते हैं तो संगठन को मजबूती मिल सकती है। आठवले के मुताबिक उन्होंने पहले भी दीपके से पार्टी में आने को कहा था। हालांकि अभी तक अभिजीत दीपके ने उनके प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया है। केंद्रीय मंत्री ने साफ किया कि उनकी ओर से पार्टी में शामिल होने का न्योता खुला है और दीपके आने का फैसला करते हैं तो उनका स्वागत किया जाएगा।
यह पहली बार नहीं है जब रामदास आठवले ने अभिजीत दीपके को अपनी पार्टी से जुड़ने का प्रस्ताव दिया हो। इससे पहले अगस्त में भी उन्होंने दीपके को रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया यानी RPI में शामिल होने का न्योता दिया था। उस समय आठवले ने कहा था कि बाबासाहेब आंबेडकर के सपनों को साकार करने और उनकी राजनीतिक विचारधारा को मजबूत बनाने के लिए युवाओं को आगे आना चाहिए। इसके बाद भी वह कई मौकों पर दीपके को लेकर बयान दे चुके हैं।
आठवले ने अभिजीत दीपके को अपने समाज से जुड़ा बताते हुए उनके साथ राजनीतिक सहयोग की संभावना जताई है। हालांकि उन्होंने CJP और उसके समर्थकों की कुछ गतिविधियों तथा बयानों पर नाराजगी भी जाहिर की है। इसी महीने की शुरुआत में उन्होंने कहा था कि अभिजीत दीपके को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए। इससे स्पष्ट है कि आठवले एक ओर दीपके को अपनी पार्टी में शामिल होने का आमंत्रण दे रहे हैं तो दूसरी ओर उनके कुछ राजनीतिक बयानों से असहमति भी जता चुके हैं।
दूसरी तरफ अभिजीत दीपके पहले दिए गए इस प्रस्ताव पर सरकार और भाजपा के रवैये को लेकर सवाल उठा चुके हैं। अगस्त में उन्होंने भाजपा के कुछ नेताओं के बयानों का जिक्र करते हुए तंज कसा था कि कुछ समय पहले तक उन्हें राष्ट्रविरोधी बताया जा रहा था और अब उन्हें पार्टी में आने का न्योता दिया जा रहा है। उनके इस बयान के बाद भी राजनीतिक हलकों में चर्चा हुई थी कि क्या वह भविष्य में किसी राजनीतिक दल के साथ जुड़ेंगे या अपनी अलग पहचान बनाए रखेंगे।
अभिजीत दीपके पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि फिलहाल उनकी पार्टी का चुनाव लड़ने का इरादा नहीं है। उनके मुताबिक CJP अभी एक प्रेशर ग्रुप के तौर पर काम करेगी। इसका अर्थ है कि संगठन फिलहाल चुनावी राजनीति में उतरने के बजाय अपने मुद्दों को उठाने और सरकार तथा राजनीतिक दलों पर दबाव बनाने की रणनीति पर ध्यान देना चाहता है।
रामदास आठवले के ताजा बयान के बाद अभिजीत दीपके के अगले कदम पर नजर रहेगी। फिलहाल उनकी ओर से न्योते को स्वीकार करने की पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में यह देखना बाकी है कि दीपके अपनी मौजूदा राजनीतिक रणनीति पर कायम रहते हैं या भविष्य में RPI के साथ जुड़ने पर विचार करते हैं।
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