
नई दिल्ली। यमन (Yemen) में हूती विद्रोहियों (Houthi Rebels) और उनके विरोधी गठबंधन के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। शुक्रवार को हूतियों ने कथित तौर पर सऊदी अरब (Saudi Arabia) के पवित्र शहर मदीना (Medina) की दिशा में ड्रोन भेजा। इसके अलावा दक्षिणी यमन के अदन शहर में राष्ट्रपति भवन परिसर और हवाई अड्डे को बैलिस्टिक मिसाइलों से निशाना बनाया गया। सऊदी और यमनी अधिकारियों ने इन हमलों की जानकारी दी है।
हूतियों के खिलाफ लड़ रहे सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने बताया कि उसने मदीना क्षेत्र के ऊपर एक ड्रोन को रोककर नष्ट कर दिया। मदीना में पैगंबर मोहम्मद की मस्जिद यानी मस्जिद-ए-नबवी स्थित है, जो इस्लाम के सबसे पवित्र धार्मिक स्थलों में शामिल है। इससे पहले गठबंधन मक्का क्षेत्र में भी एक ड्रोन को रोकने का दावा कर चुका है।
अदन में राष्ट्रपति महल और एयरपोर्ट पर मिसाइल हमला
एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक, हूतियों ने अदन स्थित राष्ट्रपति महल परिसर को दो मिसाइलों से निशाना बनाया। यमन सरकार के एक सैन्य प्रवक्ता ने भी शुक्रवार को अदन हवाई अड्डे और अल-माशीक राष्ट्रपति महल परिसर पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमले की पुष्टि की। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि मिसाइलें अपने लक्ष्य पर लगीं या नहीं। हमले में किसी के हताहत होने या नुकसान की भी तत्काल जानकारी नहीं मिली।
दो चश्मदीदों ने बताया कि उन्होंने राष्ट्रपति महल परिसर की ओर एंबुलेंस जाते देखीं। इस परिसर में कई इमारतें हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक, एंबुलेंस पहुंचने से कुछ समय पहले शहर में दो जोरदार धमाकों की आवाज सुनाई दी थी।
दक्षिणी बंदरगाह शहर अदन यमन की अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त सरकार का प्रमुख केंद्र है। वर्ष 2014 में हूतियों ने इस सरकार को राजधानी सना से बाहर कर दिया था। इसके बाद से देश में संघर्ष जारी है। जुलाई में लड़ाई फिर तेज होने के बाद अदन लगातार हमलों का सामना कर रहा है।
बुधवार को भी अदन एयरपोर्ट को बनाया था निशाना
शुक्रवार के मिसाइल हमलों से पहले बुधवार को भी हूतियों ने अदन हवाई अड्डे पर हमला किया था। इस हमले से पहले संगठन ने लोगों को हवाई अड्डे से दूर रहने की चेतावनी दी थी। यह एयरपोर्ट दक्षिणी यमन में मानवीय सहायता पहुंचाने के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है और राहत कार्यों के लिए प्रमुख प्रवेश द्वार के रूप में काम करता है।
मक्का और मदीना का धार्मिक महत्व
मक्का में ग्रैंड मस्जिद यानी मस्जिद अल-हरम और काबा स्थित हैं, जबकि मदीना में पैगंबर मोहम्मद की मस्जिद मस्जिद-ए-नबवी है। दुनिया भर के मुसलमानों के लिए इन दोनों शहरों का विशेष धार्मिक महत्व है। हर साल यहां बड़ी संख्या में तीर्थयात्री और आगंतुक पहुंचते हैं।
सऊदी अरब पहले भी हूतियों पर मक्का और मदीना के आसपास हमले की कोशिश करने का आरोप लगा चुका है। सितंबर में सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने दावा किया था कि उसने मक्का के दक्षिण में एक ड्रोन को रोककर नष्ट किया। गठबंधन के मुताबिक, वह ड्रोन मक्का के प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने की कोशिश कर रहा था। इसे उसने मक्का को निशाना बनाने की हूतियों की दूसरी कोशिश बताया था।
हूतियों ने सऊदी अरब के आरोपों को किया खारिज
हूती विद्रोही मक्का और मदीना को निशाना बनाने के आरोपों को लगातार खारिज करते रहे हैं। संगठन का कहना है कि उसके सैन्य अभियान सऊदी अरब के सैन्य ठिकानों और ऊर्जा बुनियादी ढांचे तक सीमित हैं।
शुक्रवार को भी हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर सऊदी अरब की ओर ड्रोन भेजे जाने के आरोपों को झूठा बताया। उन्होंने कहा कि संगठन ने सऊदी क्षेत्र के खिलाफ कोई सैन्य अभियान नहीं चलाया है। उनके मुताबिक, हूतियों के हमलों का निशाना केवल सऊदी अरब के तेल ठिकाने और सैन्य अड्डे रहे हैं।
हूतियों ने सऊदी अरब पर हमलों को लेकर झूठे दावे गढ़ने का आरोप लगाया है। इस तरह मदीना की ओर ड्रोन भेजे जाने के दावे और अदन में मिसाइल हमलों की खबरों के बीच यमन और सऊदी अरब के बीच तनाव एक बार फिर चर्चा में है।
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