img-fluid

बंगाल में बदली सरकारी पहचान, ‘विश्व बांग्ला’ लोगो की जगह अब दिखेगा अशोक स्तंभ

May 17, 2026

कोलकाता। पश्चिम बंगाल (West Bengal) में सत्ता परिवर्तन के बाद नई भाजपा सरकार (BJP Govt) ने राज्य की प्रशासनिक और दृश्य पहचान में बड़े बदलाव शुरू कर दिए हैं। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली सरकार ने पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) की पहचान माने जाने वाले ‘विश्व बांग्ला’ (Biswa Bangla) लोगो को सरकारी मंचों और ढांचों से हटाना शुरू कर दिया है। अब उसकी जगह भारत के राष्ट्रीय प्रतीक अशोक स्तंभ को प्रमुख सरकारी पहचान के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है।

इस बदलाव का सबसे बड़ा असर कोलकाता के चर्चित साल्ट लेक स्टेडियम में दिखाई दिया, जहां पहले लगे ‘विश्व बांग्ला’ साइनेज को हटाकर राष्ट्रीय प्रतीक स्थापित कर दिया गया है।

सरकारी पोर्टल का बदला रंग-रूप

राज्य सरकार के आधिकारिक पोर्टल ‘एगिये बांग्ला’ में भी बड़ा बदलाव किया गया है। वेबसाइट से ‘विश्व बांग्ला’ लोगो हटा दिया गया है और उसकी जगह अशोक स्तंभ लगाया गया है। इतना ही नहीं, पोर्टल का पारंपरिक सफेद-नीला रंग संयोजन भी बदलकर अब केसरिया थीम में नजर आ रहा है।

गौरतलब है कि सफेद और नीला रंग लंबे समय तक तृणमूल कांग्रेस सरकार की राजनीतिक पहचान माने जाते रहे हैं। नए डिज़ाइन में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की तस्वीर, सफेद बैकग्राउंड और केसरिया ग्राफिक्स प्रमुखता से दिखाई दे रहे हैं। पर्यटन, कृषि और उद्योग विभागों के प्रतीकों को भी नए अंदाज में तैयार किया गया है।


  • 2013 में शुरू हुआ था ‘विश्व बांग्ला’ ब्रांड

    ‘विश्व बांग्ला’ ब्रांड की शुरुआत 16 सितंबर 2013 को ममता बनर्जी सरकार ने की थी। इसका उद्देश्य बंगाल की संस्कृति, पर्यटन और हस्तशिल्प को एक साझा पहचान देना था। बंगाली अक्षर “ब” पर आधारित यह लोगो धीरे-धीरे राज्य सरकार की लगभग हर योजना, वेबसाइट और सार्वजनिक इमारत का हिस्सा बन गया।

    हालांकि इस लोगो को लेकर राजनीतिक विवाद भी हुआ था। भाजपा नेता और पूर्व विधायक मुकुल रॉय ने आरोप लगाया था कि यह लोगो निजी स्वामित्व वाला है। उस समय ममता बनर्जी ने विधानसभा में कहा था कि उन्होंने स्वयं यह लोगो तैयार किया है और सरकार को बिना किसी शुल्क के इसके उपयोग की अनुमति दी गई है।


  • भाजपा ने बताया ‘राष्ट्रीय प्रतीक’ को प्राथमिकता

    भाजपा नेताओं का कहना है कि किसी व्यक्ति विशेष से जुड़ा प्रतीक किसी राज्य सरकार की स्थायी पहचान नहीं होना चाहिए। उनके अनुसार सरकारी संस्थानों के लिए अशोक स्तंभ सबसे उपयुक्त और संवैधानिक प्रतीक है।

    नई सरकार के शपथ ग्रहण के तुरंत बाद से ही सरकारी सिस्टम और प्लेटफॉर्म से ‘विश्व बांग्ला’ लोगो हटने लगा था। राजनीतिक जानकार इसे केवल डिज़ाइन बदलाव नहीं, बल्कि बंगाल की राजनीतिक और प्रशासनिक ब्रांडिंग में बड़े वैचारिक परिवर्तन के रूप में देख रहे हैं।

    Share:

  • श्री भारद्वाज रचमदुगु बने साई सिल्क्स (कलामंदिर) लिमिटेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी

    Sun May 17 , 2026
    हैदराबाद (तेलंगाना). साई सिल्क्स (Sai Silks) (कलामंदिर) लिमिटेड (SSKL) ने श्री भारद्वाज रचमदुगु (Shri Bharadwaj Rachamdugu) को मुख्य कार्यकारी अधिकारी (Chief Executive Officer) नियुक्त करने की घोषणा की है। पिछले कई वर्षों में कंपनी के विकास और वृद्धि में उनके महत्वपूर्ण योगदान को देखते हुए यह नियुक्ति की गई है। श्री भारद्वाज ने संगठन के […]
    सम्बंधित ख़बरें
    लेटेस्ट
    खरी-खरी
    का राशिफल
    जीवनशैली
    मनोरंजन
    अभी-अभी
  • Archives

  • ©2026 Agnibaan , All Rights Reserved