
ज़बलपुर। बरगी जलाशय में 30 अप्रैल 2026 को खराब मौसम और तेज लहरों के कारण 35 से 40 यात्रियों को ले जा रहा एक पर्यटक क्रूज पलट गया था। इस भीषण हादसे में कई लोगों की असामयिक मृत्यु हो गई थी, जिसने जल परिवहन और पर्यटन स्थलों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे। इस दुर्घटना और देश के अन्य हिस्सों में हुई नाव त्रासदियों को गंभीरता से लेते हुए केंद्र सरकार ने अब अंतर्देशीय जल परिवहन की सुरक्षा को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण के अध्यक्ष सुनील पालीवाल ने मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन को एक महत्वपूर्ण पत्र भेजकर अंतर्देशीय पोत अधिनियम 2021 के नियमों को पूरी सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए हैं। इस पत्र में वृंदावन की यमुना नदी और बरगी जलाशय के हादसों का विशेष उल्लेख करते हुए कहा गया है कि नियमों की अनदेखी के कारण लोगों की जान जा रही है। केंद्र ने मुख्य सचिव से इस विषय पर तत्काल संबंधित विभागों की समीक्षा बैठक बुलाने और सभी सुधारात्मक कदम उठाने की मांग की है।
राज्य स्तर पर जवाबदेही की जरूरत
प्राधिकरण ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि सुरक्षा नियमों को बनाने का काम भले ही केंद्र सरकार का है, लेकिन जमीन पर उन्हें लागू कराने और उनकी निगरानी करने का पूरा जिम्मा राज्य सरकारों का है। पत्र में इस बात पर चिंता जताई गई है कि मध्यप्रदेश सहित कई राज्यों में अब तक इस अधिनियम से जुड़ी आवश्यक अधिसूचनाएं जारी नहीं की गई हैं, जिससे नियमों का जमीनी क्रियान्वयन प्रभावित हो रहा है। केंद्र ने मुख्य सचिव से कहा है कि वे राज्य में तुरंत जिम्मेदार अधिकारियों को नामित करें और अटकी हुई अधिसूचनाओं को जल्द से जल्द जारी करवाएं।
प्रदेश के प्रमुख जलाशयों में सघन जांच की तैयारी
इस पत्र के बाद अब मध्यप्रदेश के गृह, परिवहन और पर्यटन विभागों में हड़कंप मच गया है। आने वाले दिनों में बरगी जलाशय के साथ-साथ तवा डैम, गांधी सागर, बाणसागर और भोपाल के बड़े तालाब जैसे तमाम जल पर्यटन केंद्रों पर चलने वाली नावों और क्रूज सेवाओं की सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा की जाएगी।
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