
नई दिल्ली। गुजरात(Gujarat) की राजनीति में पूर्व मुख्यमंत्री शंकरसिंह वाघेला(Former Chief Minister Shankersinh Vaghela
)की कांग्रेस में संभावित वापसी को लेकर हलचल तेज हो गई है। करीब एक दशक पहले कांग्रेस छोड़ चुके वाघेला ने अब पार्टी में लौटने की इच्छा जाहिर की है। उन्होंने कहा है कि गुजरात में भारतीय जनता पार्टी(Bharatiya Janata Party) की सरकार को हटाने के लिए वह कांग्रेस में शामिल होने को तैयार हैं। हालांकि उनकी वापसी अभी औपचारिक रूप से तय नहीं हुई है। वाघेला के मुताबिक कांग्रेस में शामिल होने को लेकर पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं से बातचीत हो चुकी है लेकिन अंतिम निर्णय राहुल गांधी से मुलाकात के बाद ही होगा।
86 वर्षीय शंकरसिंह वाघेला ने मंगलवार को बातचीत में कहा कि वह कांग्रेस में लौटकर पार्टी को अपना योगदान देना चाहते हैं। उन्होंने बताया कि गुजरात कांग्रेस के प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला गुजरात कांग्रेस अध्यक्ष अमित चावड़ा और पूर्व केंद्रीय मंत्री भरतसिंह सोलंकी के साथ उनकी बातचीत हुई है। अब उनकी नजर राहुल गांधी से होने वाली मुलाकात पर है। इसके बाद ही उनकी वापसी को लेकर तस्वीर साफ होगी।
वाघेला की कांग्रेस में वापसी की चर्चा ऐसे समय हो रही है जब गुजरात में अगले राजनीतिक मुकाबलों की तैयारी शुरू हो चुकी है। रिपोर्ट के मुताबिक गांधीनगर नगर निगम चुनाव अगले महीने होने हैं जबकि गुजरात विधानसभा चुनाव दिसंबर 2027 में प्रस्तावित हैं। वाघेला ने 2027 के विधानसभा चुनाव को अपने राजनीतिक जीवन में प्रभाव डालने का अंतिम अवसर बताया है। साथ ही उन्होंने 2 अक्टूबर से अपनी पार्टी प्रजा शक्ति डेमोक्रेटिक पार्टी को फिर से सक्रिय करने के लिए अभियान चलाने की बात भी कही थी।
वाघेला की वापसी को लेकर कांग्रेस के भीतर पूरी तरह एकराय होने की तस्वीर नहीं है। गुजरात कांग्रेस अध्यक्ष अमित चावड़ा ने कहा है कि पार्टी ने 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है और आने वाले दिनों में कई असंतुष्ट नेता कांग्रेस के साथ मंच साझा कर सकते हैं। दूसरी ओर पार्टी के एक वर्ग में वाघेला की वापसी को लेकर सवाल भी बताए जा रहे हैं। इसकी एक बड़ी वजह 2017 में कांग्रेस छोड़ने के समय की राजनीतिक परिस्थितियां हैं।
शंकरसिंह वाघेला ने 2017 में कांग्रेस छोड़ी थी। उस समय वह गुजरात विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष थे। उनके कांग्रेस छोड़ने के बाद कई विधायकों के पार्टी से अलग होने की घटनाएं भी हुई थीं और उसी दौर में राज्यसभा चुनाव को लेकर गुजरात की राजनीति में काफी गतिविधियां देखने को मिली थीं। वाघेला के राजनीतिक सफर में इसके बाद कई पड़ाव आए। उन्होंने अलग राजनीतिक संगठन बनाए और बाद में प्रजा शक्ति डेमोक्रेटिक पार्टी का गठन किया।
कांग्रेस में वापसी की कोशिश उनके लिए नई बात नहीं है। इससे पहले भी वाघेला ने पार्टी में लौटने की इच्छा जताई थी लेकिन तब बात आगे नहीं बढ़ सकी। अब कांग्रेस नेताओं के साथ उनकी बातचीत दोबारा सामने आई है। पूर्व केंद्रीय मंत्री भरतसिंह सोलंकी ने भी वाघेला को वापस लाने की कोशिश किए जाने की बात कही है और अंतिम निर्णय पार्टी नेतृत्व पर छोड़ा है।
वाघेला का राजनीतिक सफर गुजरात की राजनीति के कई महत्वपूर्ण दौर से जुड़ा रहा है। 1996 में भाजपा से अलग होने के बाद उन्होंने राष्ट्रीय जनता पार्टी बनाई और कांग्रेस के समर्थन से गुजरात के मुख्यमंत्री बने। बाद में उनकी पार्टी का कांग्रेस में विलय हुआ। वह केंद्र की यूपीए सरकार में मंत्री भी रहे। 2017 में कांग्रेस छोड़ने के बाद उन्होंने अलग राजनीतिक रास्ता अपनाया। अब एक बार फिर कांग्रेस में वापसी की संभावना ने गुजरात की सियासत में चर्चा बढ़ा दी है। फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण कड़ी राहुल गांधी से उनकी प्रस्तावित मुलाकात है जिसके बाद ही उनकी कांग्रेस में वापसी पर अंतिम तस्वीर सामने आएगी।
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