img-fluid

‘कॉकरोच जनता पार्टी’ से सियासत में हलचल, क्‍या 2029 चुनाव लड़ेंगे अभिजीत? केजरीवाल से गठजोड़ पर दिया बड़ा बयान

May 21, 2026

नई दिल्ली। सोशल मीडिया पर तेजी से उभरी ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (Cockroach Janata Party) ने देश की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। कुछ ही दिनों में लाखों युवाओं (Youth) को अपने साथ जोड़ने वाली इस मुहिम के पीछे 30 वर्षीय अभिजीत दीपके (Abhijeet Deepke) हैं, जिन्होंने हाल ही में बॉस्टन यूनिवर्सिटी से पब्लिक रिलेशंस (PR) में मास्टर्स किया है। अभिजीत का कहना है कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक महत्वाकांक्षा से ज्यादा युवाओं की नाराजगी और उपेक्षा के खिलाफ आवाज है।

चीफ जस्टिस की टिप्पणी बनी आंदोलन की वजह
अभिजीत ने बताया कि कुछ दिन पहले तक वह अमेरिका में नौकरी के लिए आवेदन कर रहे थे। इसी दौरान भारत के चीफ जस्टिस की वह टिप्पणी सामने आई, जिसमें सोशल मीडिया पर सक्रिय युवाओं की तुलना ‘कॉकरोच’ और ‘परजीवी’ से की गई थी। उन्होंने कहा कि यही बयान इस आंदोलन का सबसे बड़ा ट्रिगर बना। उनके मुताबिक, अगर ऐसी टिप्पणी किसी राजनीतिक नेता ने की होती तो शायद इतना असर नहीं होता, लेकिन जब संविधान और अभिव्यक्ति की आजादी की रक्षा करने वाले पद पर बैठा व्यक्ति ऐसा कहे तो युवाओं को गहरा आघात पहुंचता है। अभिजीत ने कहा, “मैं ही वो कॉकरोच हूं, जिसकी बात की जा रही थी। यह टिप्पणी मेरे जैसे लाखों युवाओं के लिए अपमानजनक थी।”

कुछ ही दिनों में लाखों युवा जुड़े
अभिजीत के मुताबिक, पार्टी लॉन्च होने के 48 घंटे के भीतर सोशल मीडिया पर लाखों लोग जुड़ गए। इंस्टाग्राम पर फॉलोअर्स की संख्या 33 लाख से ज्यादा पहुंच गई, जबकि वेबसाइट पर लाखों युवाओं ने रजिस्ट्रेशन कराया। उन्होंने कहा कि यह किसी प्रायोजित अभियान का परिणाम नहीं, बल्कि युवाओं के भीतर वर्षों से जमा गुस्से और निराशा का विस्फोट है। अभिजीत का दावा है कि देश का ‘जेन-जी’ अब राजनीति और व्यवस्था से जुड़े सवालों पर खुलकर बोलना चाहता है और खुद को अनदेखा किए जाने से नाराज है।


  • क्या केजरीवाल से मिलाएंगे हाथ?
    अभिजीत दीपके के आम आदमी पार्टी से पुराने संबंध भी चर्चा में हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि वह 2020 से 2023 के बीच आम आदमी पार्टी के कम्युनिकेशन विभाग में काम कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि वह अरविंद केजरीवाल के शिक्षा और स्वास्थ्य मॉडल से प्रभावित थे और उसी सोच के कारण पार्टी से जुड़े थे। हालांकि बाद में उन्होंने निजी जीवन और करियर पर ध्यान देने का फैसला किया और अमेरिका चले गए। केजरीवाल या किसी अन्य राजनीतिक दल से गठजोड़ के सवाल पर अभिजीत ने साफ कहा कि ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ फिलहाल किसी भी स्थापित राजनीतिक दल से दूरी बनाए रखना चाहती है। उन्होंने कहा, “कोई भी समर्थन दे सकता है, लेकिन जेन-जी के युवा नहीं चाहते कि इस आंदोलन पर किसी पारंपरिक पार्टी की छाया पड़े।”

    2029 चुनाव लड़ने पर क्या बोले?
    2029 के लोकसभा चुनाव लड़ने के सवाल पर अभिजीत ने कहा कि अभी इस बारे में कुछ कहना जल्दबाजी होगी। उन्होंने बताया कि आंदोलन अभी शुरुआती दौर में है और आगे की रणनीति युवाओं से बातचीत के बाद तय की जाएगी। उनका कहना है कि इस मुहिम का मकसद सिर्फ चुनाव लड़ना नहीं, बल्कि देश के राजनीतिक विमर्श को बदलना है। अभिजीत ने कहा कि आज की राजनीति में युवाओं के असली मुद्दों पर चर्चा ही नहीं होती। रोजगार, शिक्षा, तकनीक और भविष्य जैसे सवाल पीछे छूट चुके हैं।

    पार्टी का 5 सूत्रीय एजेंडा क्या है?
    कॉकरोच जनता पार्टी की वेबसाइट पर पांच सूत्रीय एजेंडा भी जारी किया गया है। इसमें न्यायपालिका और चुनाव आयोग की स्वतंत्रता, महिलाओं को 50 प्रतिशत प्रतिनिधित्व, मीडिया स्वामित्व में सुधार और राजनीतिक जवाबदेही जैसे मुद्दे शामिल हैं। अभिजीत का कहना है कि यह एजेंडा किसी सनसनी के लिए नहीं, बल्कि एक आदर्श लोकतांत्रिक व्यवस्था की दिशा में सोच है। उन्होंने आरोप लगाया कि देश के कई संस्थान निष्पक्ष दिखाई नहीं देते और यही लोकतंत्र के लिए सबसे बड़ा खतरा है।

    ‘हिंदू-मुस्लिम राजनीति से युवाओं को क्या मिला?’
    अभिजीत ने मौजूदा राजनीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि पिछले कई वर्षों से देश की राजनीति सिर्फ धार्मिक और सांप्रदायिक मुद्दों के इर्द-गिर्द घूम रही है। उन्होंने कहा कि अमेरिका जैसे देशों में युवा AI, सेमीकंडक्टर, क्लीन एनर्जी और नई तकनीकों पर चर्चा करते हैं, जबकि भारत में राजनीतिक बहस अब भी हिंदू-मुस्लिम तक सीमित है। उनके मुताबिक, इसी राजनीतिक सोच का परिणाम ‘नीट पेपर लीक’ जैसी घटनाएं हैं, जिसने लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित किया।

    NEET विवाद पर सरकार और विपक्ष दोनों पर हमला
    अभिजीत ने कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाओं से परेशान होकर कई छात्र मानसिक तनाव में आ जाते हैं और कुछ ने आत्महत्या तक कर ली। उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसी घटनाओं के बाद क्या किसी मंत्री ने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दिया? अभिजीत ने कहा कि चाहे सत्ता पक्ष हो या विपक्ष, दोनों युवाओं के मुद्दों को गंभीरता से नहीं लेते।

    क्या सोशल मीडिया तक सीमित रहेगा आंदोलन?
    आलोचकों का कहना है कि यह आंदोलन सिर्फ सोशल मीडिया ट्रेंड बनकर रह जाएगा। इस पर अभिजीत ने कहा कि यह सिर्फ शुरुआत है। उन्होंने दावा किया कि देश के युवा अब लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज उठाने के लिए तैयार हैं। अभिजीत का कहना है कि यह आंदोलन आने वाले समय में राजनीति को नए और ज्यादा पढ़े-लिखे चेहरे देगा, जो युवाओं की समस्याओं को बेहतर तरीके से समझेंगे।

    फंडिंग और संगठन पर क्या बोले?
    फंडिंग और संगठनात्मक ढांचे के सवाल पर अभिजीत ने कहा कि फिलहाल टीम रणनीति तैयार कर रही है। उन्होंने कहा कि आंदोलन बहुत नया है और अभी जल्दबाजी में कोई फैसला नहीं लिया जाएगा। उनका उद्देश्य एक मजबूत, स्वतंत्र और लंबे समय तक चलने वाला युवा आंदोलन खड़ा करना है। अभिजीत ने कहा कि वे सत्ता में बैठे लोगों को यह कहने का मौका नहीं देना चाहते कि यह सिर्फ कुछ दिनों का सोशल मीडिया बुलबुला था।

    Share:

  • PM मोदी आज लेंगे कैबिनेट मीटिंग, फेरबदल की अटकलों के बीच लिए जा सकते हैं बड़े फैसले

    Thu May 21 , 2026
    नई दिल्ली। पांच देशों के दौरे से वापस आने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) गुरुवार को कैबिनेट बैठक (Cabinet Meeting) करेंगे। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, बैठक में विभिन्न मंत्रालयों के कामकाज, लिए गए प्रमुख निर्णयों और उनके नतीजों तथा भविष्य की योजनाओं सहित अन्य विषयों पर चर्चा होगी। पीएम मोदी की […]
    सम्बंधित ख़बरें
    लेटेस्ट
    खरी-खरी
    का राशिफल
    जीवनशैली
    मनोरंजन
    अभी-अभी
  • Archives

  • ©2026 Agnibaan , All Rights Reserved