
1. अगले महीने पीएम मोदी और यूएस राष्ट्रपति ट्रंप की मुलाकात, जानें कौनसे देश में मिलेंगे…
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi ) और अमेरिकी राष्ट्रपति (US President) डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) की अगले महीने (Next Month) मुलाकात (Meet) हो सकती है. राष्ट्रपति ट्रंप फ्रांस में होने वाले G7 शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे. 15 से 17 जून को होने वाली यह बैठक फ्रांस के एवियन-लेस-बैंस में होगी. फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने पीएम मोदी को G7 शिखर सम्मेलन में बुलाया किया है. 16 महीने से भी ज्यादा वक्त में यह पहली बार हो सकता है कि PM मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप की मुलाकात होगी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी G7 शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए फ्रांस की यात्रा पर जाने वाले हैं. एजेंसी के मुताबिक, यह शिखर सम्मेलन 15 से 17 जून तक होना है.
2. समुद्र में फंसा रूसी तेल खरीद सकेगा भारत…. चुकानी होगी ऊंची कीमत
दुनियाभर में तेल (Oil) की ऊंची कीमतों (Higher-Prices) से निपटने के लिए अमेरिका (America) ने रूसी तेल (Russian Oil) खरीदने की मंजूरी एक महीने और बढ़ा दी है। अमेरिका के वित्त विभाग के दस्तावेजों के मुताबिक, यह अनुमति उन रूसी पेट्रोलियम उत्पादों (Russian Petroleum Products) पर लागू होगी, जो इस समय जहाजों पर लादे जा चुके हैं। अमेरिका के इस कदम से भारत सहित अन्य देशों को समुद्र में फंसे रूसी तेल खरीदने की अनुमति मिलेगी, लेकिन इसके लिए ऊंची कीमत चुकानी होगी। एक न्यूज के मुताबिक, वर्तमान में दुनियाभर के समुद्रों में करीब 12.4 करोड़ बैरल रूसी तेल मौजूद है। रूसी तेल से आपूर्ति जरूर बढ़ेगी, लेकिन कीमतों पर ज्यादा फर्क नहीं पड़ेगा। समुद्रों में रूस का 12 करोड़ बैरल तेल मौजूद है, लेकिन यह तेल की महज एक दिन की वैश्विक मांग (10.4 करोड़ प्रतिदिन) से कम है।
3. दिल्ली में विदेशों मेहमानों के काफिलों में कारों की संख्या होगी कम…PM मोदी की अपील का असर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) की पेट्रोल-डीजल-ऊर्जा बचाने की अपील (Save Petrol, Diesel and Energy) का अगले सप्ताह से राजधानी में शुरू हो रहे दो समिट पर भी असर पड़ेगा। दोनों समिट के दौरान विदेशी मेहमानों (Foreign guests.) के काफिलों में गाड़ियों की कटौती की जाएगी। दिल्ली पुलिस मुख्यालय की ओर से सुरक्षा यूनिट, ट्रैफिक यूनिट व नई दिल्ली जिला पुलिस को काफिलों में गाड़ियां कम करने का आदेश जारी किया गया है। दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि विदेशी मेहमानों व वीआईपी के काफिलों में चलने वाली गाड़ियों में 10 से 15 फीसदी गाड़ियां कम की जा सकती हैं। इसके बावजूद सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। विदेशी वीआईपी व अन्य की सुरक्षा में पुलिसकर्मी उतने ही तैनात किए जाएंगे जितने की जरूरत होती है।
4. भारत पर एक साथ पड़े 3 आर्थिक झटके, भुगतान संतुलन पर बढ़ा दबाव; आम लोगों की जेब पर दिख सकता है असर
भारत की अर्थव्यवस्था (Economy of India) इस समय कई वैश्विक चुनौतियों का सामना कर रही है। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी, रुपये की कमजोरी और विदेशी निवेश में गिरावट ने देश के भुगतान संतुलन (Balance of Payments) पर दबाव बढ़ा दिया है। मुख्य आर्थिक सलाहकार (CEA) वी. अनंत नागेश्वरन ने चेतावनी दी है कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव भारत के लिए “भुगतान संतुलन की वास्तविक परीक्षा” बन सकता है। सीईए के मुताबिक भारत फिलहाल तीन प्रमुख आर्थिक दबावों से जूझ रहा है।
5. सरकारी कर्मचारियों को प्रमोशन मांगने का कोई अधिकार नहीं; सुप्रीम कोर्ट ने सुनाया बड़ा फैसला
सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने कहा कि सरकारी कर्मचारियों के पास पुराने सेवा नियमों के तहत पदोन्नति मांगने का कोई निहित अधिकार नहीं होता। शीर्ष अदालत ने कहा कि सरकार किसी भी चरण में नए सेवा नियम लाकर चयन और पदोन्नति के तरीके और प्रक्रिया में बदलाव करने में सक्षम है, बशर्ते कि वे मनमाने न हों। जस्टिस दीपांकर दत्ता और ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ ने हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ ओडिशा सरकार की अपील स्वीकार करते हुए यह फैसला दिया। सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने कहा कि किसी कर्मचारी के पास न तो पदोन्नति पाने का कोई निहित अधिकार होता और न ही उसे पदोन्नति की कोई वैध अपेक्षा होती है। पीठ ने स्पष्ट किया कि कर्मचारी के सिर्फ अपनी उम्मीदवारी पर विचार किए जाने का एकमात्र सीमित अधिकार होता है। हालांकि, पीठ ने कहा कि यदि सरकार, जो कि नियुक्ति प्राधिकारी है, अपने विवेक से यह फैसला करती है कि रिक्तियों को पदोन्नति के द्वारा नहीं भरा जाएगा (विशेष रूप से तब, जब कैडर में बदलाव और पदों का पुनर्गठन हुआ हो), तो उसे नियुक्तियां करने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता।
6. मोदी, मेलोनी और मेलोडी: साथ में डिनर फिर गिफ्ट में टॉफी, रोम में दिखी भारत और इटली की खास दोस्ती
इटली (Italy) की प्रधानमंत्री (PM) जॉर्जिया मेलोनी (Giorgia Meloni) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) की ओर से मिले खास तोहफे के लिए सोशल मीडिया पर आभार जताया। मेलोनी ने ट्वीट करते हुए लिखा, गिफ्ट के लिए धन्यवाद। उन्होंने मजाकिया अंदाज में बताया कि पीएम मोदी उनके लिए भारत की मशहूर टॉफी मेलोडी लेकर आए। मेलोनी ने कहा, कि प्रधानमंत्री मोदी एक बहुत, बहुत अच्छी टॉफी- मेलोडी गिफ्ट में लाए। पीएम मोदी ने बताया कि दोनों नेताओं ने डिनर के दौरान कई अहम वैश्विक और द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा की। इसके बाद दोनों नेताओं ने रोम के ऐतिहासिक और प्रतिष्ठित कोलोसियम का भी दौरा किया। इससे पहले मोदी के रोम पहुंचने पर मेलोनी ने सोशल मीडिया पर उनका स्वागत करते हुए लिखा कि रोम में आपका स्वागत है मेरे दोस्त।
7. कर्नाटक में CM बदलने की अटकलें फिर से तेज, ऊर्जा मंत्री के घर पर हुई थी बैठक
कर्नाटक में मौजूदा मुख्यमंत्री सिद्धारमैया (Chief Minister Siddaramaiah) और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के बीच सत्ता को लेकर टकराव की खबरें कई बार आ चुकी हैं और अब एक बार फिर से राज्य में CM बदलने की अटकलें तेज हो गई हैं। ये अटकलें एक लंच मीटिंग के बाद से तेज हुई हैं जो इसी सोमवार को यानी 18 मई को एक राज्य के उर्जा मंत्री K.J. जॉर्ज के घर पर हुई थी। दरअसल उस लंच मीटिंग में AICC अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, कर्नाटक सीएम सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार शामिल थे जिसके बाद से राज्य में सत्ता परिवर्तन की अटकलें तेज हो गई हैं।
8. भारत पर पश्चिम एशिया संकट का बुरा असर, UN ने 2026 के लिए GDP वृद्धि का अनुमान घटाया
पश्चिम एशिया (West Asia) के मौजूदा हालातों को ध्यान में रखते हुए संयुक्त राष्ट्र (UN) ने 2026 के लिए भारत की आर्थिक वृद्धि का अनुमान 6.6 प्रतिशत से घटाकर 6.4 प्रतिशत कर दिया है। संयुक्त राष्ट्र के आर्थिक और सामाजिक मामलों के विभाग (UN DESA) द्वारा मंगलवार को जारी रिपोर्ट के अनुसार, भारत अब भी सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्थाओं में से एक बना हुआ है। रिपोर्ट में कहा गया कि पश्चिम एशिया संकट ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को एक और झटका दिया है जिससे वृद्धि धीमी हुई है, मुद्रास्फीति का दबाव बढ़ा है और अनिश्चितता उत्पन्न हुई है। UN DESA के आर्थिक विश्लेषण और नीति प्रभाग के वैश्विक आर्थिक निगरानी शाखा के वरिष्ठ अर्थशास्त्री और प्रभारी अधिकारी इंगो पिटरले ने कहा कि भारत वर्तमान वैश्विक चुनौतियों से ”अछूता नहीं” है।
9. मोहन सरकार ने दी तबादला नीति 2026 को मंजूरी,1 जून से 15 जून तक होंगे स्थानांतरण
मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) सरकार (Government) ने बुधवार को हुई मोहन कैबिनेट (Mohan Cabinet) की बैठक में वर्ष 2026 की नई स्थानांतरण नीति (Transfer Policy) को मंजूरी दे दी। नई नीति के अनुसार प्रदेश में 1 जून 2026 से 15 जून 2026 तक अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादले किए जाएंगे। इस अवधि में विभागीय स्तर पर ट्रांसफर प्रक्रिया पूरी की जाएगी। सरकार ने सभी विभागों को मुख्यमंत्री के A+ श्रेणी वाले तबादले 31 मई तक पूरा करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही स्वयं के व्यय पर होने वाले तबादलों और पति-पत्नी को एक ही स्थान पर पदस्थ करने से जुड़े मामलों को निर्धारित तबादला सीमा से बाहर रखा गया है। स्वयं की गंभीर बीमारी वाले मामलों में भी विशेष छूट दी गई है।
10. सत्ता छिनते ही बिखरने लगी ममता की पार्टी? पहले बड़े विरोध प्रदर्शन में 45 विधायक नहीं पहुंचे
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 (West Bengal Assembly Elections 2026) में हार के बाद तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) अब विपक्ष की भूमिका में खुद को फिर से खड़ा करने की कोशिश कर रही है. लेकिन ये कोशिशें सफल होती नहीं दिख रही हैं. इसकी बड़ी तस्वीर बुधवार को नजर आई, जब विधानसभा परिसर में धरना-प्रदर्शन किया गया. टीएमसी के पहले बड़े विरोध प्रदर्शन में ही विधायकों की कम मौजूदगी ने सियासी गलियारों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है. बुधवार को विधानसभा परिसर में बीआर आंबेडकर की प्रतिमा के पास टीएमसी विधायकों ने चुनाव बाद हिंसा और हॉकरों के खिलाफ चलाए जा रहे अतिक्रमण विरोधी अभियान को लेकर धरना प्रदर्शन किया, लेकिन पार्टी के 80 विधायकों में से केवल 35 विधायक ही कार्यक्रम में पहुंचे. इस कम उपस्थिति ने पार्टी के भीतर संभावित असंतोष और अंदरूनी खींचतान को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं.
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