
जबलपुर। तेज धूप, तपती सड़क और पसीने से तरबतर मौसम के बीच जब लोग छांव तलाश रहे थे, उसी वक्त एक दिव्यांग व्यक्ति अपनी ट्राइसाइकिल पर कुल्फी बेचकर जीवन की गाड़ी खींच रहा था। शायद उसके लिए यह रोज़ का संघर्ष था, लेकिन उस दिन उसकी मेहनत और हिम्मत पर प्रशासन की नजर पड़ी और फिर जो हुआ, उसने हर किसी का दिल छू लिया। जबलपुर कलेक्टर राघवेंद्र सिंह एवं जिला पंचायत सीईओ अभिषेक गहलोत मझौली क्षेत्र की पंचायतों के निरीक्षण पर निकले थे। इसी दौरान सड़क किनारे ट्राइसाइकिल पर कुल्फी बेचते एक दिव्यांग व्यक्ति को देखकर कलेक्टर ने अपना काफिला रुकवा दिया।
कलेक्टर गाड़ी से उतरे और सीधे उस दिव्यांग विक्रेता के पास पहुंचे। उन्होंने किसी अधिकारी की तरह नहीं, बल्कि एक आम इंसान की तरह उससे बातचीत की। उसका हालचाल जाना, उसकी परेशानियां सुनीं और यह समझने की कोशिश की कि वह किन संघर्षों के बीच अपना जीवन चला रहा है। वह दृश्य देखने वालों के लिए बेहद भावुक थाकृएक ओर संघर्ष से जूझता दिव्यांग, दूसरी ओर जिले का सर्वोच्च प्रशासनिक अधिकारी उसके पास खड़ा उसकी कहानी सुन रहा था। यह सिर्फ बातचीत नहीं थी, यह मेहनत को दिया गया सम्मान था।
कुल्फी खाकर ताजा की बचपन की यादें
कलेक्टर ने दिव्यांग विक्रेता से कुल्फी खरीदी और मुस्कुराते हुए उसका स्वाद लिया। कुल्फी खाते-खाते उन्होंने कहा कि यह स्वाद उन्हें बचपन की यादों में ले गया। उस पल वहां मौजूद हर व्यक्ति के चेहरे पर मुस्कान थी, लेकिन दिव्यांग विक्रेता की आंखों में शायद सम्मान और खुशी दोनों झलक रहे थे। प्रशासनिक व्यस्तताओं के बीच इस छोटे से ठहराव ने यह संदेश दिया कि संवेदनशीलता सिर्फ शब्दों में नहीं, कर्मों में दिखती है। स्थानीय लोगों ने कहा कि बड़े अधिकारी अगर इसी तरह आमजन से जुड़ें, तो जनता का भरोसा और मजबूत होगा।
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved