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राहुल गांधी ने भाजपा की लगातार जीत पर कहा- जहां लोकतंत्र नहीं, वहां एंटी-इन्कंबेंसी भी नहीं

September 24, 2026

नई दिल्ली। कांग्रेस नेता राहुल गांधी प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर रहे है। उन्होंने कहा कि भारत में मौलिक बल है जिसे एंटी इन्कंबेंसी कहा जाता है जो कि काफी जल्दी किसी भी सरकार के प्रतिरोध में खड़ी हो जाती है। इससे कोई नहीं बचता। इंदिरा गांधी जी बांग्लादेश युद्ध जीत जाती हैं वे अपने लोकप्रियता के चरम पर होती हैं और इसके बाद सिर्फ दो-तीन साल में ही उनके खिलाफ एंटी-इन्कंबेंसी पैदा हो जाती है। ऐसा कई और कांग्रेस के प्रधानमंत्रियों के साथ होता है। लेकिन यह नरेंद्र मोदी और अमित शाह समेत किसी भाजपा नेता के साथ आज नहीं होता।

उन्होंने कहा कि हरियाणा में 50 साल से लगातार अलग-अलग सरकारों में रही एंटी-इन्कंबेंसी खत्म हो जाती है। महाराष्ट्र में खत्म हो जाती है। गुजरात में नहीं रहती। कई और राज्यों में भी ऐसा ही होता है। हमें यह नहीं समझ आता है कि एंटी-इन्कंबेंसी खत्म कैसे हो जाती है। लेकिन फिर समझ आता है कि इराक में एंटी-इन्कंबेंसी नहीं होती। उत्तर कोरिया में एंटी-इन्कंबेंसी नहीं होती। तब हमें दिखता है कि जहां लोकतंत्र नहीं होता, वहां एंटी-इन्कंबेंसी नहीं होती है। राहुल ने आगे कहा ‘अगर आप वोट को खत्म कर दें तो हमारा संविधान भी तबाह हो सकता है। उसे अपनी ताकत नहीं मिलती, वह कार्य नहीं कर सकता। अगर हमारा संविधान तबाह हो जाए तो हमारे कानून अवैध हो जाते हैं और अगर कानून ही वैध न रहे तो संस्थान भी बर्बाद हो जाते हैं। हम काफी समय से कह रहे हैं कि यहां वोट के साथ लंबे समय से परेशानी चल रही है। चुनाव आयोग ऐसा संस्थान है, जिसकी जिम्मेदारी लोगों के वोट को सुरक्षित करने की है।’


  • राहुल ने कहा कि इस बात की स्पष्टता है कि भारत के चुनाव, लोकसभा चुनाव, विधानसभा चुनाव में गड़बड़ियां हो रही हैं। दो चुनाव आयुक्त आज मुख्य चुनाव आयुक्त- ज्ञानेश कुमार पर सवाल उठा रहे हैं। लेकिन उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चुना है। अब दो चुनाव आयुक्त कह रहे हैं कि ज्ञानेश कुमार उस नुकसान के लिए जिम्मेदार हैं, जो हमारे वोटिंग सिस्टम में हुई है। वोट चोरी से आती है कानून चोरी और कानून चोरी से आती है संस्था चोरी। यह चेन पूरे देश में चल रही है। आज वोट गया, तो पूरा कानून बनाने वाला सिस्टम गया। अगर चुने गए सांसद चोरी हुए वोट से संसद में बैठे हैं और वही चोरी के वोट से जीते हुए सांसद कानून बना रहे हैं तो वह जो भी कानून बना रहे हैं वह भी अवैध है। वह जो भी संस्थागत बदलाव कर रहे हैं वह भी अवैध है। अगले छह महीनों में यह बिल्कुल ब्लैक एंड व्हाइट होगा आपके लिए।

    राहुल ने कहा कि हमारे कानून भी गैरकानूनी हो गए। ये सिर्फ वोट पर हमला नहीं है। ये बेसिक इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमला है, जो लोगों को अपना नेता चुनने का अधिकार देता है। वोटों की रक्षा करना चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है। अगर वोट खत्म हो गया, तो संविधान काम नहीं कर रहा है। इससे पहले लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने एक्स पर लिखा, ‘संविधान के दुश्मनों का पर्दाफाश हो गया है। न्याय जरूर होगा। मैं शाम चार बजे एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करूंगा।’

    बता दें कि राहुल गांधी ऐसे समय में प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाले हैं, जब चुनाव आयोग के भीतर ही एसआईआर प्रक्रिया के विरोध में आवाज उठी है। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव आयोग के कामकाज और फैसले लेने की प्रक्रिया को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि दो चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में 14 बार आपत्ति दर्ज कराई।

    रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों आयुक्तों ने कुछ फैसलों और आदेशों को लेकर कहा कि उन्हें इसकी जानकारी या उनकी मंजूरी नहीं ली गई। ये आपत्तियां विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर, नए मतदाताओं के पंजीकरण, फॉर्म-6 में बदलाव, वोटर लिस्ट से नाम हटाने और जोड़ने, नाम बहाल करने के आदेशों के खिलाफ अपील तथा वोटर डेटा की सुरक्षा जैसे मुद्दों से जुड़ी थीं।

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