
कोलंबो । रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Defence Minister Rajnath Singh) ने श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके से (With Sri Lankan President Anura Kumara Dissanayake) द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा की (Discussed Bilateral Relations) ।
राजनाथ सिंह ने बुधवार को मुलाकात के बाद कहा कि राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके के साथ उनकी बातचीत बेहद उपयोगी और सार्थक रही। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से श्रीलंका के राष्ट्रपति को शुभकामनाएं दीं और उनकी सरकार के दो वर्ष सफलतापूर्वक पूरे होने पर उन्हें बधाई दी। रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत और श्रीलंका सभ्यतागत रूप से जुड़े हुए देश, करीबी पड़ोसी और महत्वपूर्ण समुद्री साझेदार हैं। दोनों देशों ने एक बार फिर इस बात की पुष्टि की कि वे अपने-अपने देशों के विकास और दोनों देशों की जनता के कल्याण के लिए मिलकर काम करते रहेंगे।
उन्होंने कहा कि भारत और श्रीलंका क्षेत्र में सुरक्षा, शांति और समृद्धि सुनिश्चित करने के लिए भी मिलकर योगदान देते रहेंगे। दोनों देशों के बीच समुद्री सहयोग को भी विशेष महत्व दिया गया, क्योंकि हिंद महासागर क्षेत्र में भारत और श्रीलंका की भौगोलिक स्थिति उन्हें समुद्री सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण साझेदार बनाती है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, 9 सितंबर को कोलंबो में हुई इस बैठक में दोनों नेताओं ने भारत और श्रीलंका के संबंधों को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई। दोनों पक्षों ने माना कि दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और सभ्यतागत संबंधों के साथ-साथ वर्तमान समय में रक्षा और समुद्री क्षेत्र में सहयोग भी बेहद महत्वपूर्ण है।
गौरतलब है कि भारत हिंद महासागर क्षेत्र में अपने पड़ोसी देशों के साथ रक्षा और समुद्री सुरक्षा सहयोग को लगातार मजबूत कर रहा है। ऐसे समय में राजनाथ सिंह की यह श्रीलंका यात्रा काफी महत्वपूर्ण है। श्रीलंका भारत की ‘पड़ोसी प्रथम’ नीति और हिंद महासागर क्षेत्र में सहयोग की दृष्टि से महत्वपूर्ण साझेदार भी है। बैठक में दोनों नेताओं का जोर इस बात पर रहा कि भारत और श्रीलंका के बीच सहयोग केवल रक्षा क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि दोनों देशों के व्यापक विकास, जनता के कल्याण और पूरे क्षेत्र में स्थिरता एवं समृद्धि से भी जुड़ा हुआ है। राजनाथ सिंह ने राष्ट्रपति दिसानायके को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से शुभकामनाएं देते हुए भारत की ओर से श्रीलंका के साथ मजबूत और दीर्घकालिक साझेदारी जारी रखने का संदेश दिया। वहीं, दोनों नेताओं ने भविष्य में भी आपसी सहयोग को और व्यापक तथा मजबूत बनाने पर सहमति जताई।
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