कोलकाता। पश्चिम बंगाल की सियासत में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर मतभेदों की अटकलें एक बार फिर चर्चा में हैं। पार्टी से निष्कासित नेता ऋतब्रत बनर्जी (Ritabrat Banerjee) ने TMC के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी (Abhishek Banerjee) पर तीखा हमला बोलते हुए उनकी कार्यशैली और कथित खर्चों को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी नेतृत्व जमीनी कार्यकर्ताओं की समस्याओं से दूर होता जा रहा है।
ऋतब्रत बनर्जी ने दावा किया कि अभिषेक बनर्जी हाल ही में चार्टर्ड विमान से दिल्ली पहुंचे। उन्होंने कहा कि एक सांसद होने के नाते उपलब्ध सरकारी और संसदीय यात्रा सुविधाओं का उपयोग किया जा सकता था, जिससे पार्टी संसाधनों की बचत होती। उनके मुताबिक, बचाए गए संसाधनों का इस्तेमाल संगठन के लिए काम कर रहे कार्यकर्ताओं की मदद में किया जा सकता था।
‘कार्यकर्ताओं की चिंता जरूरी’
ऋतब्रत बनर्जी ने कहा कि पार्टी के कई कार्यकर्ता राजनीतिक और कानूनी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। ऐसे समय में नेतृत्व को फिजूलखर्ची से बचते हुए संगठन के जमीनी कार्यकर्ताओं के समर्थन पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि नेतृत्व को आम लोगों और कार्यकर्ताओं की समस्याओं से अधिक जुड़ाव दिखाने की जरूरत है।
उन्होंने यह भी कहा कि एक समय अभिषेक बनर्जी बड़े काफिलों के साथ चलते दिखाई देते थे और अब भी उनकी जीवनशैली में खास बदलाव नहीं आया है। हालांकि, इन आरोपों को लेकर अभिषेक बनर्जी या TMC नेतृत्व की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
TMC में असंतोष की अटकलें
अभिषेक बनर्जी के दिल्ली दौरे के बीच पार्टी के अंदर संभावित असंतोष और मतभेदों की चर्चाएं भी तेज हुई हैं। हालांकि, जब ऋतब्रत बनर्जी से पूछा गया कि क्या TMC संसदीय दल में अभिषेक की स्थिति पर कोई संकट है, तो उन्होंने इस पर टिप्पणी करने से बचते हुए कहा कि वह पार्टी के अंदरूनी मामलों पर सार्वजनिक रूप से कुछ नहीं कहना चाहते।
सांसदों के टूटने की चर्चाओं पर भी प्रतिक्रिया
TMC सांसदों के संभावित असंतोष या दल बदल की अटकलों को लेकर ऋतब्रत बनर्जी ने कहा कि फिलहाल उनके पास कोई ठोस जानकारी नहीं है। उन्होंने बताया कि कुछ सांसदों से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन बात नहीं हो सकी। ऐसे में किसी निष्कर्ष पर पहुंचना अभी जल्दबाजी होगी।
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