
उज्जैन। अब उज्जैन सहित प्रदेश की हर कॉलोनी को एक यूनिक आईडी नंबर दिया जाएगा। इसमें कॉलोनी का डिजिटल रिकॉर्ड, नक्शा और डेवलपमेंट स्टेटस ऑनलाइन उपलब्ध होगा। इससे खरीदार घर बैठे देख सकेंगे कि जहां निवेश कर रहे हैं, वह वैध है या नहीं।
उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में कॉलोनी विकसित करने के लिए अब एक समान कानून लागू किया जाएगा। नए कानून में हर कॉलोनी का यूनिक आईडी नंबर होगा और सिर्फ रजिस्ट्री कराने से मकान वैध नहीं माना जाएगा। नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने एकीकृत कॉलोनाइजर एक्ट 2026 का ड्राफ्ट फाइनल कर लिया है। अभी तक अलग-अलग व्यवस्थाओं की वजह से कई कॉलोनाइजर ग्रामीण सीमा में अवैध कॉलोनियां काट देते हैं। मिली जानकारी के मुताबिक इसे कैबिनेट की मंजूरी के बाद मानसून सत्र में विधानसभा में पेश किया जाएगा।
एक प्रदेश, एक लाइसेंस..
नई व्यवस्था के तहत कॉलोनाइजरों को हर निकाय से अलग-अलग अनुमति नहीं लेनी होगी। पूरे प्रदेश के लिए एक लाइसेंस सिस्टम होगा, जिससे सरकार राज्य स्तर पर निगरानी कर सकेगी। वहीं बिना अनुमोदित ले-आउट वाले प्लॉट की रजिस्ट्री मुश्किल होगी। राजस्व और नगर विकास विभाग का डेटा लिंक किया जाएगा। इतना ही नहीं खेती की जमीन को छोटे टुकड़ों में बेचने की प्रवृत्ति पर रोक लगेगी। इसके लिए डायवर्जन और ले-आउट मंजूरी अनिवार्य की जा रही है।