
भोपाल। मप्र की मोहन सरकार में बड़े बदलाव की तैयारी हो रही है। इसके लिए आरएसएस, प्रदेश सरकार और भाजपा संगठन मंथन कर रहा है। माना जा रहा है कि दतिया विधानसभा उपचुनाव के बाद बड़ा सत्ता परिवर्तन देखने को मिल सकता है। जानकारों का कहना है कि स्वतंत्रता दिवस यानी 15 अगस्त से पहले मप्र मंत्रिमंडल का विस्तार होगा। इस विस्तार में परफॉर्मेंस के आधार पर कुछ मंत्रियों की विदाई तय मानी जा रही है।
तीन से चार मंत्रियों की हो सकती है विदाई
भाजपा संगठन से जुड़े सूत्रों का दावा है कि मंत्रिमंडल विस्तार के साथ तीन से चार मंत्रियों की विदाई लगभग तय मानी जा रही है। इनमें ऐसे मंत्री शामिल बताए जा रहे हैं जिनके विवादित बयानों या कार्यशैली के कारण सरकार और संगठन को कई बार असहज स्थिति का सामना करना पड़ा। इसके अलावा कुछ वरिष्ठ मंत्रियों के विभाग बदलने की भी चर्चा है। माना जा रहा है कि प्रभावशाली विभागों की जिम्मेदारी नए चेहरों को देकर कुछ वरिष्ठ मंत्रियों को अपेक्षाकृत हल्के विभाग सौंपे जा सकते हैं।
छह नए चेहरों को मिल सकता है मौका
सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री इस विस्तार के जरिए विधानसभा चुनाव से पहले संगठन और सरकार के बीच बेहतर तालमेल बनाने की रणनीति पर काम कर रहे हैं। संभावना है कि नए मंत्रियों के चयन में जिन बिंदुओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, उनमें क्षेत्रीय संतुलन, जातीय प्रतिनिधित्व, युवा और अनुभवी चेहरों का मिश्रण और संगठन के प्रति सक्रियता शामिल हैं। वहीं आगामी विधानसभा चुनाव की रणनीतिक जरूरतों को देखते हुए इस बार ओबीसी, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और ब्राह्मण वर्ग के प्रतिनिधित्व पर भी विशेष ध्यान दिए जाने की संभावना जताई जा रही है।
दिल्ली की सहमति के बाद होगा अंतिम फैसला
भाजपा में मंत्रिमंडल विस्तार का अंतिम निर्णय केंद्रीय नेतृत्व की सहमति से होता है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल पहले ही सार्वजनिक रूप से संकेत दे चुके हैं कि मंत्रिमंडल विस्तार होगा, हालांकि उन्होंने समय-सीमा स्पष्ट नहीं की थी। अब राजनीतिक हलकों में माना जा रहा है कि दतिया उपचुनाव के बाद सरकार का नया स्वरूप सामने आ सकता है। इस फेरबदल का उद्देश्य केवल प्रशासनिक दक्षता बढ़ाना नहीं होगा, बल्कि 2028 के विधानसभा चुनाव से पहले संगठनात्मक और सामाजिक समीकरणों को भी मजबूत करना होगा।
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved