
जबलपुर। नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में एसोसिएशन ऑफ मेडिकल माइक्रोबायोलॉजिस्ट्स (आईएएमएम-एमपी चैप्टर) के चौथे वार्षिक राज्यस्तरीय सम्मेलन ‘एमपी माईक्रोकॉन 2026Ó का शुभारंभ हुआ। तीन दिवसीय सम्मेलन की थीम ‘पाथवेज टू प्रिसीजनÓ रखी गई है। आयोजन के पहले दिन प्रदेशभर से आए चिकित्सकों और शोधकर्ताओं के लिए विशेष प्री-कॉन्फ्रेंस कार्यशालाएं आयोजित की गईं।
इनमें बैक्टीरियल रेजिस्टेंस की पहचान, रिकेट्सियोसिस के सटीक निदान, लैब एक्रिडिटेशन और खसरा वायरस की मॉलिक्यूलर सीक्वेंसिंग जैसी आधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। कार्यशालाओं में सीएमसी वेल्लोर से डॉ. जॉन प्रकाश, एनआईटीएचआर जबलपुर से डॉ. पुष्पेंद्र सिंह, एमजीएम कॉलेज इंदौर से डॉ. अखिलेश तोमर और मेडिकल कॉलेज सीकर से डॉ. स्मिता सूद की महत्वपूर्ण भूमिका रही। मेडिकल कॉलेज के डीन एवं संरक्षक प्रो. डॉ. नवनीत सक्सेना तथा आयोजन अध्यक्ष डॉ. रीति जैन सेठ ने कहा कि आधुनिक चिकित्सा में सटीक और समय पर होने वाली जांच की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। कार्यशालाओं के माध्यम से युवा चिकित्सकों को अत्याधुनिक जांच तकनीकों को सीखने का अवसर मिला। इस अवसर पर डॉ. ममता गौर, डॉ. कुमकुम मदोरिया, डॉ. श्रुति असाटी, डॉ. सीमा बिसाने और डॉ. सत्येंद्र भट्ट सहित अन्य चिकित्सक एवं विशेषज्ञ उपस्थित रहे।