इंदौर मध्‍यप्रदेश

दिवाली की रात अकेले भटकते मिले बच्चों के परिवार मिले

  • एक पीथमपुर सेक्टर-1 से, तो दूसरा बाणगंगा क्षेत्र से भटक गया था रास्ता

इंदौर। दिवाली (Diwali) की रात इंदौर (Indore)  में दो अलग-अलग थाना क्षेत्र में अकेले भटक रहे बच्चों (Children)  के परिवार (Family) के बारे में चाइल्ड लाइन टीम (child line team) को जानकारी मिल गई है। संबंधित थाना क्षेत्रों में सूचना पहुंचा दी गई है। कल दोनों बच्चों के परिवारों को चाइल्ड वेलफेयर (child welfare) कमेटी के सामने पेश कर बच्चों की सुपुर्दगी दी जाएगी।
दिवाली की रात चाइल्ड लाइन टीम सूचना के आधार पर महू थाना क्षेत्र से एक बालिका और राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र से एक बालक को लेकर आई थी। पहली काउंसलिंग में कोई खास जानकारी नहीं मिली, जिसके बाद कल दोनों बच्चों के साथ टीम की काउंसलर मंजू चौधरी ने एक बार फिर बात की। 12 वर्षीय बालिका ने अपना निवास पीथमपुर ब्रिज के पास बताया, जिसके बाद धार पुलिस कंट्रोल रूम (police control room)  से संबंधित थाना क्षेत्र में सूचना करवाई गई। जानकारी के मुताबिक, पीथमपुर सेक्टर-1 में बालिका की गुमशुदगी की रिपोर्ट शनिवार सुबह दर्ज हुई थी। चाइल्ड लाइन की टीम ने जब बालिका के चाचा से बात की, तो पता चला कि वह घर से चावल लेने निकली थी और रास्ता भटक कर महू क्षेत्र में पहुंच गई। वहीं, लंबी काउंसलिंग के बाद राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र में मिले 8 वर्षीय बालक से ज्यादा जानकारी तो नहीं मिल पाई, लेकिन उसने अपने घर की लोकेशन ज्ञान सागर पब्लिक स्कूल बताई, जो बाणगंगा क्षेत्र में है। टीम कल इस क्षेत्र में घूमी और लोगों से जानकारी ली, तो पता चला कि एक बालक गुम हुआ है, जिसकी थाने में गुमशुदगी रिपोर्ट दर्ज कराई है। चाइल्ड लाइन की टीम ने बालक की बहन से बात की है। चाइल्ड लाइन टीम के शुभम ठाकुर और ख्याति साकल्ले ने बताया कि दोनों बच्चों के परिवार कल इंदौर आएंगे और चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के सामने पेश होंगे, जिसके बाद दोनों बच्चों के परिवारों को उनकी सुपुर्दगी दी जाएगी। फिलहाल बालिका और बालक शेल्टर होम में ही हैं।

अकेला घूम रहा था, पुलिस लेकर पहुंची रिश्तेदार के घर
वहीं, दूसरी ओर कल दोपहर बाणगंगा क्षेत्र में एक आठ साल के बच्चे को अकेले घूमते देख लोगों ने डायल 100 को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस बच्चे को लेकर बाणगंगा थाने पहुंची, जहां थाना प्रभारी राजेंद्र सोनी ने उससे बात की। बच्चे ने बताया कि वह धार का रहने वाला है और गलती से इंदौर आ गया, लेकिन घर का पता उसे याद नहीं है, लेकिन उज्जैन में रहने वाली मौसी का घर पता है। बाणगंगा से सिपाही राहुल यादव बच्चे को लेकर बताए पते पर पहुंचा, जहां उसकी मौसी मिली। तुरंत फोन कर बच्चे के सुरक्षित मिलने की सूचना परिजनों को दी गई। परिजन बच्चे को लेने के लिए धार से उज्जैन पहुंच रहे हैं। पुलिस ने अपने मानवीय प्रयास से बच्चे को सुरक्षित घर पहुंचा दिया।

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