
नई दिल्ली ।पश्चिम बंगाल (West Bengal) में दुर्गा पूजा के दौरान मांसाहारी भोजन को लेकर बागेश्वर पीठ (Bageshwar Peeth) के महंत धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री (Dhirendra Krishna Shastri) के बयान पर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। भवानीपुर पुलिस स्टेशन के सामने उनकी तस्वीर जलाए जाने के मामले में पुलिस ने FIR दर्ज कर ली है। इस घटना के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी (Shubhendu Adhikari) ने मामले में कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने हावड़ा में हनुमंत कथा के दौरान नवरात्रि और दुर्गा पूजा पंडालों के आसपास मांसाहारी भोजन को लेकर अपनी बात रखी थी। उन्होंने बंगाल के हिंदुओं से अपील करते हुए कहा था कि नवरात्रि के दौरान वे मूर्ति रखें या न रखें, लेकिन पूजा पंडाल के पास मांसाहारी भोजन नहीं किया जाना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा था कि लोग चाहें तो अपने घरों में मांस खा सकते हैं। उनके अनुसार, उन्हें यह पसंद नहीं है कि बंगाल में दुर्गा पूजा पंडालों के पास मांसाहारी भोजन बनाया जाए। उन्होंने दुर्गा पूजा के दौरान शराब और मांस की दुकानों को बंद रखने की बात कही थी। साथ ही उन्होंने नॉन-वेज खाने वाले हिंदुओं को पाखंडी बताया था।
इस बयान के बाद तृणमूल कांग्रेस और कांग्रेस की ओर से विरोध शुरू हुआ। कलकत्ता जिला कांग्रेस कमेटी के आठ सदस्य भवानीपुर पुलिस स्टेशन पहुंचे और धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया में शामिल हुए। कमेटी के प्रमुख प्रदीप प्रसाद ने कहा कि वे बाबा बागेश्वर की तस्वीर लेकर शिकायत दर्ज कराने थाने पहुंचे थे, लेकिन तस्वीर जलाने की घटना में उनके साथ मौजूद किसी व्यक्ति की भूमिका नहीं थी।
प्रदीप प्रसाद ने दावा किया कि तस्वीर जलाने वाले लोग अलग थे। उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि बंगालियों की छवि खराब करने के लिए बाहर से लोगों को बुलाया जाता है। वहीं आसनसोल के कांग्रेस नेता प्रसेनजित ने कहा कि बुधवार को उन्होंने धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की तस्वीर जलाकर विरोध किया था। इसके बाद आसनसोल साउथ पुलिस स्टेशन में उनके खिलाफ शिकायत दर्ज की गई।
भवानीपुर थाने के सामने तस्वीर जलाने की घटना पर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कोलकाता पुलिस कमिश्नर को तस्वीर जलाने वालों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने अपनी धार्मिक परंपराओं और संस्कृति के साथ देशभक्ति, राष्ट्रवाद तथा अखंड भारत के विचार पर भी बात की थी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी बात को स्वीकार करना या न करना लोगों की स्वतंत्रता है और उन्होंने किसी पर कुछ थोपा नहीं। इसके बावजूद भवानीपुर थाने के सामने उनकी तस्वीर जलाए जाने पर उन्होंने पुलिस आयुक्त को इसमें शामिल लोगों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई का निर्देश दिया।
इससे पहले विधानसभा में भी मुख्यमंत्री ने धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के बयान का बचाव किया था। उन्होंने कहा था कि खाने-पीने के मामले में लोग अपनी इच्छा के अनुसार निर्णय लेने के लिए स्वतंत्र हैं। साथ ही उन्होंने उनके अपमान के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की बात कही थी। इस पूरे घटनाक्रम के बीच बयान, विरोध प्रदर्शन और तस्वीर जलाने की घटना को लेकर पश्चिम बंगाल में विवाद जारी है।
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