
मुंबई: महाराष्ट्र में डांस बार पर सरकार की नई सख्ती लागू होने वाली है. सूबे की बीजेपी सरकार ने विधानसभा में एक नया बिल पेश किया है, ताकि डांस बार चलाने वाले लोग कानून का गलत फायदा न उठा सकें. अभी कई बार और होटल ऑर्केस्ट्रा या लाइव म्यूजिक का लाइसेंस लेकर डांस बार चलाते हैं. उन्हें यह लाइसेंस महाराष्ट्र पुलिस कानून के तहत आसानी से मिल जाता है, लेकिन बाद में वहां नियमों के खिलाफ डांस भी कराया जाता है.
अब सरकार इस व्यवस्था को बदलना चाहती है. नए बिल के मुताबिक, होटल, बार और रेस्तरां में ऑर्केस्ट्रा या लाइव म्यूज़िक की अनुमति अब पुलिस कानून के तहत नहीं, बल्कि 2016 के डांस बार कानून के तहत मिलेगी. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी कहा था कि कुछ लोग इस कानूनी खामी का फायदा उठाकर डांस बार चला रहे हैं और सरकार इस रास्ते को बंद करेगी.
अगर यह बिल कानून बन जाता है, तो सिर्फ ऑर्केस्ट्रा का लाइसेंस लेकर डांस बार नहीं चलाया जा सकेगा. ऐसे सभी बार और होटल को 2016 के डांस बार कानून के सख्त नियमों और महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े प्रावधानों का पालन करना होगा. सरकार का कहना है कि इस कदम का मकसद कानून का गलत इस्तेमाल रोकना और डांस बारों पर सख्ती से नियंत्रण रखना है.
महाराष्ट्र पुलिस एक्ट की धारा 33 अभी पुलिस अधिकारियों को लोगों के मनोरंजन के लिए संगीत, डांस और दूसरे कार्यक्रमों के लिए लाइसेंस देने का अधिकार देती है. इस एक्ट के तहत बने ‘पब्लिक अम्यूजमेंट रूल्स’ (सार्वजनिक मनोरंजन नियम) के तहत होटल, रेस्टोरेंट और बार रूम में ऑर्केस्ट्रा और लाइव म्यूज़िक परफॉर्मेंस के लिए भी लाइसेंस जारी किए जाते हैं.
सरकार के अनुसार, कुछ जगहें होटल, रेस्टोरेंट और बार रूम में डांस परफॉर्मेंस पर लगी पाबंदियों से बचने के लिए, महाराष्ट्र प्रोहिबिशन ऑफ ऑब्ससीन डांस इन होटल्स, रेस्टोरेंट्स एंड बार रूम्स एंड प्रोटेक्शन ऑफ डिग्निटी ऑफ वूमेन (वर्किंग देयरइन) एक्ट, 2016 के तहत ज़रूरी लाइसेंस के बजाय लाइव म्यूज़िक परफॉर्मेंस के लाइसेंस का इस्तेमाल कर रही थीं. इस कमी को दूर करने के लिए, बिल में लाइव म्यूज़िक परफॉर्मेंस (ऑर्केस्ट्रा) को 2016 के एक्ट के दायरे में लाने और ऐसे कार्यक्रमों के लाइसेंस को महाराष्ट्र पुलिस एक्ट के दायरे से बाहर रखने का प्रस्ताव है.
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