मुंबई। महाराष्ट्र आतंकवाद निरोधी दस्ता (Maharashtra Anti-Terrorism Squad) ने पाकिस्तान से संचालित कथित गैंगस्टर नेटवर्कों (Gangster Network) के खिलाफ बड़ा अभियान चलाते हुए राज्यभर में छापेमारी की है। इस कार्रवाई में 57 संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसियों के निशाने पर खास तौर पर कथित शहजाद भट्टी गैंग और डोगरा गैंग से जुड़े लोग हैं।
बुधवार सुबह एटीएस की कई टीमों ने मुंबई, पुणे, नागपुर, नालासोपारा, मीरा रोड, अकोला, नांदेड, नाशिक और जलगांव समेत कई शहरों में एकसाथ छापेमारी की। अधिकारियों के मुताबिक, उद्देश्य उन स्थानीय नेटवर्कों की पहचान करना है जो सीमा पार बैठे अपराधियों और संदिग्ध तत्वों से संपर्क में हो सकते हैं।
जांच एजेंसियों को इनपुट मिले थे कि सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को कथित तौर पर प्रभावित कर आपराधिक नेटवर्क से जोड़ने की कोशिश की जा रही थी। बेरोजगार युवाओं को महंगी जिंदगी और तेज कमाई का लालच देकर नेटवर्क में शामिल करने के आरोप भी सामने आए हैं।
छापेमारी के दौरान एटीएस ने बड़ी संख्या में मोबाइल फोन, लैपटॉप, पेन ड्राइव और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए हैं। एजेंसियां अब इनकी फॉरेंसिक जांच कर नेटवर्क की पहुंच और संपर्कों का पता लगाने में जुटी हैं।
इसके साथ ही संदिग्धों के बैंक खातों और वित्तीय लेनदेन की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों को शक है कि हवाला चैनलों के जरिए विदेश से फंडिंग की जा रही थी।
जांच एजेंसियों के अनुसार, शहजाद भट्टी पाकिस्तान के लाहौर का रहने वाला है और पिछले कुछ समय से भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर है। उस पर कथित तौर पर कट्टरपंथ फैलाने, आपराधिक नेटवर्क चलाने और भारत विरोधी गतिविधियों से जुड़े कई मामलों में जांच चल रही है।
सूत्रों का दावा है कि वह दुबई से अपना नेटवर्क संचालित करता है और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए युवाओं तक पहुंच बनाने की कोशिश करता रहा है। विभिन्न राज्यों में उसके खिलाफ कई एफआईआर दर्ज होने की बात भी सामने आई है।
जांच एजेंसियां शहजाद भट्टी के कथित नेटवर्क को कई हाई-प्रोफाइल मामलों से जोड़कर भी देख रही हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उसका नाम पंजाब और दिल्ली-एनसीआर में सामने आए कुछ आपराधिक मॉड्यूल की जांच में भी आया है।
हाल के महीनों में दिल्ली पुलिस और अन्य एजेंसियों ने ऐसे कई मॉड्यूल पकड़े थे, जिन पर भीड़भाड़ वाले इलाकों और संवेदनशील स्थानों को निशाना बनाने की साजिश रचने के आरोप लगे थे।
अधिकारियों के मुताबिक, Shahzad Bhatti सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय रहा है। जांच एजेंसियां उसके वीडियो, पोस्ट और ऑनलाइन संपर्कों की भी पड़ताल कर रही हैं। इसी दौरान उसका नाम कथित तौर पर Lawrence Bishnoi से जुड़े कुछ ऑनलाइन विवादों में भी सामने आया था।
सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि फिलहाल ऑपरेशन जारी है और आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े और लोगों तक पहुंचने की संभावना है। महाराष्ट्र एटीएस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि राज्य के भीतर यह नेटवर्क कितनी गहराई तक फैला हुआ था और इसके तार किन-किन देशों तक जुड़े हुए हैं।
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