लंदन। मेटा प्लेटफॉर्म्स (Meta Platforms) ने व्हाट्सएप (WhatsApp) यूजर्स के लिए नया ‘इन्कॉग्निटो मोड’ लॉन्च करने की घोषणा की है। इस फीचर के जरिए यूजर्स अब मेटा एआई (Meta AI) चैटबॉट के साथ ज्यादा निजी और सुरक्षित तरीके से बातचीत कर सकेंगे। कंपनी का कहना है कि इस कदम का मकसद यूजर्स की गोपनीयता को मजबूत करना और संवेदनशील जानकारी साझा करने को लेकर उनकी चिंताओं को कम करना है।
कंपनी के मुताबिक, इस मोड में चैट डिफॉल्ट रूप से सेव नहीं होंगी और सत्र समाप्त होते ही संदेश अपने आप गायब हो जाएंगे। यूजर्स केवल टेक्स्ट आधारित बातचीत कर सकेंगे, जबकि इमेज अपलोड या जनरेट करने की सुविधा उपलब्ध नहीं होगी।
संवेदनशील डेटा को लेकर बढ़ी थी चिंता
जनरेटिव एआई तकनीक के तेजी से बढ़ते इस्तेमाल के बीच गोपनीयता को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। यूजर्स अक्सर चैटबॉट्स के साथ निजी वित्तीय जानकारी, स्वास्थ्य संबंधी सवाल, कार्यस्थल का डेटा और व्यक्तिगत बातचीत साझा करते हैं।
Meta Platforms के व्हाट्सएप प्रमुख Will Cathcart ने कहा कि यूजर्स को एआई से बातचीत करते समय अपनी निजी जानकारी उजागर करने की मजबूरी महसूस नहीं होनी चाहिए। इसी सोच के तहत यह नया फीचर तैयार किया गया है।
हानिकारक सवालों पर जवाब नहीं देगा AI
कंपनी ने बताया कि इन्कॉग्निटो मोड में कई सुरक्षा फीचर्स भी जोड़े गए हैं। चैटबॉट ऐसे सवालों का जवाब देने से इनकार करेगा जो नुकसानदायक या संवेदनशील श्रेणी में आते हैं। जरूरत पड़ने पर यह यूजर्स को सुरक्षित और उपयोगी जानकारी की ओर निर्देशित करेगा।
यदि कोई यूजर लगातार अनुचित या खतरनाक सवाल पूछता है, तो सिस्टम बातचीत बंद भी कर सकता है।
Google Gemini और ChatGPT से मुकाबला
गोपनीयता को लेकर एआई कंपनियों के बीच प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ रही है। Google Gemini पहले से ही चैट हिस्ट्री बंद करने और डेटा को एआई ट्रेनिंग से अलग रखने का विकल्प देता है। वहीं ChatGPT में भी यूजर्स को डेटा कंट्रोल और चैट मैनेजमेंट से जुड़े फीचर्स मिलते हैं।
अब व्हाट्सएप का नया इन्कॉग्निटो मोड एआई चैटिंग को और ज्यादा निजी और सुरक्षित बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
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