
नई दिल्ली: ईरान (Iran) के साथ चल रहे अमेरिका और इजरायल के युद्ध के चलते मिडिल ईस्ट के तेल उत्पादन पर गहरा असर पड़ा है, जिसकी वजह से दुनिया के कई देश ईंधन संकट से गुजर रहे हैं. दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण जलमार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने से वैश्विक तेल आपूर्ति में भारी संकट पैदा हो गया है. अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) के कार्यकारी निदेशक फातिह बिरोल ने चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर यह मार्ग जल्द नहीं खुला तो दुनिया ‘रेड जोन’ में प्रवेश कर सकती है, जहां तेल आपूर्ति मांग को संभालने में पूरी तरह असमर्थ हो जाएगी.
खत्म हो सकता है तेल का स्टॉक
एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, IEA के हवाले से कहा गया कि होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने से प्रतिदिन औसतन 14 मिलियन बैरल तेल वैश्विक बाजार से गायब हो गया है. यह मार्ग दुनिया के समुद्री रास्ते से आने वाले 20 प्रतिशत ऊर्जा का परिवहन करता है. बिरोल ने कहा कि इस संकट ने वैश्विक भंडारण को तेजी से खाली कर दिया है. मार्च में IEA और उसके 32 सदस्य देशों ने रिकॉर्ड 40 करोड़ बैरल तेल बाजार में छोड़ा था, लेकिन अब ये भंडार भी खत्म होने की कगार पर हैं.
क्या है ‘रेड जोन’?
‘रेड जोन’ चेतावनी का मतलब उस स्थिति से है जिसमें तेल आपूर्ति किसी भी अतिरिक्त झटके को सहने की क्षमता खो देती है. बिरोल के मुताबिक, जुलाई तक अगर स्थिति नहीं सुधरी तो दुनिया को गंभीर आपूर्ति की कमी का सामना करना पड़ सकता है. इससे सबसे ज्यादा गरीब देश प्रभावित होंगे, खासकर अफ्रीका और दक्षिण-पूर्व एशिया के राष्ट्र, जहां तेल की कमी खाद्य संकट तक को जन्म दे सकती है.
कितनी है क्रूड ऑयल की कीमत?
वर्तमान में ब्रेंट क्रूड का भाव 104-105 डॉलर प्रति बैरल के आसपास है, जो युद्ध से पहले 72 डॉलर था. मई के शुरू में यह 114 डॉलर तक पहुंच चुका था. एक्सपर्ट्स का अनुमान है कि अगर लड़ाई फिर तेज हुई तो कीमत 120 डॉलर को पार कर सकती है. भारत पर भी इसका सीधा असर दिख रहा है. अप्रैल और मई में जेट फ्यूल की कीमतों में 30 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हुई. दिल्ली और मुंबई में हाल ही में विमानन ईंधन पर वैट घटाकर 7 प्रतिशत कर दिया गया है, लेकिन पेट्रोल और डीजल के दाम लगातार बढ़े हैं.
भारत में कितना है पेट्रोल का दाम?
दिल्ली में पेट्रोल 98.64 रुपये और मुंबई में 107.59 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है. इस संकट के बीच अमेरिका, ईरान से यूरेनियम स्टॉक समर्पण और परमाणु कार्यक्रम खत्म करने की मांग कर रहा है, जबकि ईरान युद्ध से हुए नुकसान और प्रतिबंध हटाने की शर्त रखे हुए है. अप्रैल में हुए सीजफायर के बावजूद तनाव बरकरार है. IEA प्रमुख फातिह बिरोल ने साफ कहा है कि भले ही आज होर्मुज खुल जाए, फिर भी आपूर्ति सामान्य होने में हफ्तों या महीनों लग सकते हैं.
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