
डेस्क: ईरान अब होर्मुज स्ट्रेट पर अपना नियंत्रण और मजबूत करने की कोशिश कर रहा है. इसके लिए ईरान ने नया समुद्री नक्शा जारी किया है, जिससे UAE और ओमान की चिंता बढ़ गई है. माना जा रहा है कि ईरान अब जंग और तनाव के माहौल का फायदा उठाकर खाड़ी क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत करना चाहता है. साथ ही UAE और ओमान के भी समुद्री इलाके कब्जाना चाहता है.
ईरान की संस्था पर्शियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी (PGSA) ने नया नक्शा जारी किया. इस नक्शे में होर्मुज स्ट्रेट के उस इलाके को दिखाया गया है, जहां ईरान निगरानी और नियंत्रण का दावा कर रहा है. नए नक्शे के मुताबिक, यह इलाका ईरान के कुह मुबारक से UAE के फुजैराह तक और ईरान के केश्म द्वीप से UAE के उम्म अल केवैन तक फैला हुआ है.
एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस दावे का मतलब सिर्फ समुद्री निगरानी नहीं है. इससे ऐसा लग रहा है कि ईरान UAE और ओमान के समुद्री इलाकों पर भी अपना प्रभाव बढ़ाना चाहता है. ईरान पहले से ही होर्मुज के पास मौजूद तीन बड़े द्वीपों अबू मूसा, ग्रेटर टुनब और लेसर टुनब पर कब्जा किए हुए है. इन द्वीपों को लेकर ईरान और UAE के बीच करीब 50 साल से विवाद चल रहा है. UAE इन द्वीपों को अपना हिस्सा मानता है, लेकिन ईरान 1971 से इन पर अपना नियंत्रण बनाए हुए है. ये तीनों द्वीप बहुत रणनीतिक माने जाते हैं, क्योंकि इनके जरिए होर्मुज स्ट्रेट की गतिविधियों पर नजर रखी जा सकती है. होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे अहम तेल व्यापार मार्गों में शामिल है और यहां से दुनिया का बड़ा हिस्सा तेल सप्लाई होता है.
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