img-fluid

गोवा कॉलेज सिखाएगा शादी से पहले रिश्तों की समझ, शुरू होगा मैरिज रेडीनेस कोर्स

November 05, 2026

डेस्क: करियर बनाने के लिए युवा कई साल पढ़ाई और तैयारी में लगाते हैं, लेकिन शादी और पारिवारिक जीवन की जिम्मेदारियों को समझने के लिए अक्सर अलग से तैयारी नहीं करते. इसी जरूरत को देखते हुए गोवा के एक कॉलेज ने युवाओं के लिए विशेष सर्टिफिकेट कोर्स शुरू करने की पहल की है. ‘मैरिज रेडीनेस: प्रिपेयरिंग फॉर हेल्दी एंड लास्टिंग रिलेशनशिप्स’ नाम के इस कोर्स में शादी से पहले खुद को मानसिक और भावनात्मक रूप से तैयार करने, साथी को समझने और रिश्तों में आपसी तालमेल बनाने की जानकारी दी जाएगी.

गोवा कॉलेज ऑफ होम साइंस के मानव विकास एवं परिवार अध्ययन विभाग की ओर से यह कोर्स शुरू किया जा रहा है. कॉलेज के प्रिंसिपल महेश पई के मुताबिक, इसका आयोजन 2 से 17 दिसंबर 2026 तक होगा. इस 15 दिवसीय प्रोग्राम में युवाओं को वैवाहिक जीवन और परिवार से जुड़ी जरूरी बातें सिखाई जाएंगी.

इसका उद्देश्य केवल शादी की तैयारियों तक सीमित नहीं है. इसमें युवाओं को रिश्तों की जिम्मेदारियां समझने, एक-दूसरे की भावनाओं का सम्मान करने और शादी के बाद आने वाली चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार किया जाएगा.


  • गोवा में यह कोर्स ऐसे समय शुरू किया जा रहा है, जब राज्य सरकार भी विवाह-पूर्व परामर्श की व्यवस्था बनाने पर विचार कर रही है. मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने पणजी में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा था कि सरकार राज्यभर में शादी से पहले काउंसलिंग शुरू करना चाहती है. इसका उद्देश्य वैवाहिक रिश्तों में आने वाली समस्याओं को कम करना और तलाक के मामलों पर रोक लगाने में मदद करना है. राज्य के कानून विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 2022 से 2025 के बीच गोवा की दीवानी अदालतों में शादी और तलाक से जुड़े 3,000 से ज्यादा मामले दर्ज हुए. इनमें 2024 में 947 मामले सामने आए थे.

    कॉलेज के प्रिंसिपल महेश पई के अनुसार, इस कोर्स में ग्रेजुएशन और पोग्रेजुएशन के स्टूडेंट आवेदन कर सकते हैं. इसके अलावा अविवाहित युवा और हेल्दी रिश्ते बनाने की इच्छा रखने वाले अन्य लोग भी इसमें हिस्सा ले सकते हैं.

    आज के समय में शादी में देरी के पीछे करियर, आर्थिक दबाव, हायर एजुकेशन और सही जीवनसाथी की तलाश जैसे कई कारण हैं. शादी के बाद भी नौकरी, दूरी, पारिवारिक जिम्मेदारियों और आपसी अपेक्षाओं के कारण रिश्तों में तनाव आ सकता है. ऐसे में विवाह-पूर्व परामर्श के जरिए युवाओं को भावनात्मक समझ, आपसी सम्मान, बातचीत और मतभेद सुलझाने जैसे पहलुओं की जानकारी देना जरूरी माना जा रहा है. कोर्स का मकसद युवाओं को शादी के लिए दबाव डालना नहीं, बल्कि उन्हें रिश्तों को समझकर अपने भविष्य के फैसले लेने में सक्षम बनाना है.

    Share:

  • राजुल एस्टेट: 22 एकड़ की कॉलोनी, सुविधाओं के नाम पर सालों से इंतजार

    Thu Nov 5 , 2026
    484 भूखंड बेचकर भी न ओवरहेड टैंक बना, न 58 ईडब्ल्यूएस आवास, राजुल बिल्डर की जवाबदेही तय कराने कलेक्ट्रेट पहुंचे रहवासी पनागर। भूखंड बेचकर मुनाफा कमाने में बिल्डर ने कोई कसर नहीं छोड़ी, लेकिन रहवासियों को बुनियादी सुविधाएं देने की बारी आई तो सालों से इंतजार ही हिस्से में आया। पनागर की राजुल एस्टेट कॉलोनी […]
    सम्बंधित ख़बरें
    लेटेस्ट
    खरी-खरी
    का राशिफल
    जीवनशैली
    मनोरंजन
    अभी-अभी
  • Archives

  • ©2026 Agnibaan , All Rights Reserved