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धीरेंद्र शास्त्री के विवादित बयान पर क्या बोले अनिरुद्धाचार्य?

November 05, 2026

डेस्क: बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने भगवान राम और भगवान श्रीकृष्ण के स्वरूप की तुलना करते हुए दिए गए बयान दिया था. जिस पर शुरू हुआ विवाद अब संत समाज और कथावाचकों के बीच चर्चा का विषय बन गया है. इस पूरे विवाद के बीच मशहूर कथावाचक अनिरुद्धाचार्य जी महाराज धीरेंद्र शास्त्री के बचाव में उतर आए हैं. बागेश्वर धाम सरकार के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर जारी एक वीडियो संदेश में अनिरुद्धाचार्य ने स्पष्ट किया कि धीरेंद्र शास्त्री का बयान किसी अपमान की नीयत से नहीं, बल्कि ‘भक्तों के बीच हंसी-मजाक और विनोद के भाव’ में दिया गया था.

अनिरुद्धाचार्य जी ने कहा कि भगवान श्रीराम (त्रेतायुग) और भगवान श्रीकृष्ण (द्वापरयुग) एक ही परमात्मा के रूप हैं. दोनों में कोई बुनियादी अंतर नहीं है, केवल अपनी-अपनी लीलाओं के लिए अलग-अलग युगों में उनका प्राकट्य हुआ. उन्होंने समझाया कि अयोध्या के भक्त श्रीराम को और वृंदावन के भक्त श्रीकृष्ण को अपना आराध्य मानते हैं. दोनों स्थानों के भक्तों के बीच अक्सर अपने-अपने प्रभु की बाल-लीलाओं और विशेषताओं को लेकर हास्य-विनोद और रसात्मक बहस होती रहती है. धीरेंद्र शास्त्री ने भी इसी रस भाव में टिप्पणी की थी.


  • अपनी बात को वैज्ञानिक और आध्यात्मिक रूप से स्पष्ट करने के लिए अनिरुद्धाचार्य जी ने एक सुंदर पौराणिक कथा का उल्लेख किया. बोले- एक बार वृंदावन के एक कृष्ण भक्त से किसी ने कह दिया कि “तुम्हारे कन्हैया तो तीन जगह से टेढ़े हैं, हमारे रामजी एकदम सीधे हैं.” यह सुनकर भक्त दुखी होकर अयोध्या जाने लगा. रास्ते में श्रीकृष्ण ने ग्वाले के रूप में दर्शन दिए. उसी समय कुएं में गिरी एक बाल्टी को लोग सीधी लोहे की छड़ (सरिया) से निकालने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन बाल्टी नहीं निकल रही थी.

    ग्वाले (श्रीकृष्ण) ने छड़ को आगे से मोड़कर हुक (टेढ़ा) बनाया, जिससे बाल्टी तुरंत बाहर आ गई. भगवान ने भक्त को समझाया कि जीवन के भवसागर में फंसी आत्माओं को निकालने के लिए कन्हैया का यह ‘त्रिभंगी’ (टेढ़ा) स्वरूप ही काम आता है. यह सुनकर भक्त का भ्रम दूर हो गया.

     धीरेंद्र शास्त्री की जिस श्रीराम कथा की क्लिप पर विवाद बढ़ा, उसमें उन्होंने कहा था- तुम्हारे ठाकुर जी (श्रीकृष्ण) हर फोटो में इधर-उधर देखते नजर आते हैं. खड़े भी होते हैं तो तीन जगह से टेढ़े… पांव के ऊपर पांव, कमर कहीं लचकाएं, फिर टेढ़ी गर्दन करके बंसी बजाते हैं. जबकि हमारे वाले (श्रीराम) तो खड़े भी एकदम सीधे होते हैं. उनका नाम भी सीधा, दिखते भी सीधे और चलते भी सीधे. तुम्हारे वाले का नाम भी टेढ़ा, दिखते भी टेढ़े और चलते भी टेढ़े…” इसी बयान के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद कुछ लोगों और कृष्ण भक्तों ने आपत्ति जताई थी, जिसके बाद अब संत समाज से सफाई और समर्थन के बयान सामने आ रहे हैं.

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