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पेट्रोल-डीजल पर टैक्स में कटौती से सरकार एक साल में गंवा सकती है 1.4 लाख करोड़


नई दिल्ली । पेट्रोल और डीजल पर टैक्स में कटौती (Tax cut on petrol and diesel) किए जाने के बाद सरकार (Government) को एक साल में (In a year) करीब 1.4 लाख करोड़ गंवा सकती है(May lose 1.4 lakh crore), साथ ही मौजूदा वित्तीय वर्ष (Current financial year ) में भी सरकार को बड़ा घाटा हो सकता (May be a big loss) है।


एक्साइज ड्यूटी में कमी किए जाने के बाद सरकार को राजस्व से होने वाली आय में हर महीने करीब 8700 करोड़ रुपए की कमी हो सकती है, जबकि एक साल में यह घाटा करीब 1 लाख करोड़ के पार हो सकता है, वहीं मौजूदा वित्तीय वर्ष में भी कर संग्रह में 45 हजार करोड़ की कमी हो सकती है।बुधवार को केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर लगने वाले टैक्स में क्रमशः 5 रुपए और 10 रुपए की कमी की। इसके साथ ही कई राज्य सरकारों ने भी वैट में और कमी की। वैट में कमी होने के बाद कई राज्यों में पेट्रोल 6 रुपए से लेकर 12 रुपए और डीजल 11 रुपए से लेकर 17 रुपए तक सस्ता हो गया।

गौरतलब है कि एक्साइज ड्यूटी में यह अबतक की सबसे अधिक कमी है। पिछले साल मई के महीने में जब क्रूड ऑयल के दाम काफी कम हो गए थे तो सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर लगने वाले वैट में क्रमशः 13 रुपए और 16 रुपए की बढ़ोतरी की थी। बढ़ोतरी किए जाने के बाद पेट्रोल पर लगने वाला वैट 32.98 रुपए और डीजल पर यह वैट 31.83 रुपए हो गया था। हालांकि अब पेट्रोल पर 5 रुपए और डीजल पर 10 रुपए की कमी किए जाने के बाद वैट 27.9 रुपए और 21.8 रुपए हो गया है।

केंद्र सरकार के द्वारा वैट में कटौती किए जाने के बाद गुजरात, कर्नाटक, गोवा, मणिपुर, त्रिपुरा ने दोनों ईंधन पर लगने वाले वैट में सबसे ज्यादा कटौती की है। इन राज्यों ने पेट्रोल-डीजल पर करीब 7-7 रुपए घटाए हैं, वहीं उत्तरप्रदेश में पेट्रोल पर लगने वाले वैट में करीब 7 रुपए और डीजल पर 2 रुपए की कमी की गई है। इसके अलावा बिहार सरकार ने भी पेट्रोल पर 1.30 रुपए और डीजल पर 1.90 रुपए कमी की है।

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