
पेरिस। यूरोप के कुछ हिस्सों में पड़ रही भीषण गर्मी से निपटने के लिए फ्रांस ने इमरजेंसी सेवाओं और सेना को जंगल की आग के खतरे को लेकर अलर्ट पर रख रहा है, साथ ही सार्वजनिक जगहों पर शराब पीने पर रोक लगा रहा है और कुछ आउटडोर स्पोर्ट्स इवेंट्स रद्द कर रहा है।
रविवार को फ्रांस का लगभग एक-तिहाई हिस्सा राष्ट्रीय मौसम सेवा के ‘हीट रेड अलर्ट’ के दायरे में है और पूरे देश में तापमान बहुत अधिक है। कुछ इलाकों में रविवार को तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की उम्मीद है, जबकि इस देश में एयर कंडीशनिंग का इस्तेमाल बहुत अधिक नहीं होता है। सोमवार को और भी ज्यादा गर्मी पड़ने का अनुमान है।
जोखिम कम करने के लिए राष्ट्रीय और स्थानीय अधिकारियों ने कई उपाय किए हैं, जिनमें भीड़ को ठंडा रखने के लिए एफिल टॉवर और पेरिस की अन्य जगहों पर ‘मिस्टिंग स्टेशन’ (ठंडी फुहार छोड़ने वाली मशीनें) लगाया गया है।
WHO के यूरोप कार्यालय ने देशों और संस्थाओं से ‘हीट प्लान’ लागू करने को कहा है, जैसे कूलिंग सेंटर खोलना या काम के बीच ब्रेक देना अथवा फ्लेक्सिबल शिफ्ट शुरू करना, ताकि कर्मचारी दोपहर की तेज धूप से बच सकें।
रविवार को फ्रांस में होने वाला सालाना ‘म्यूजिक डे’ अधिकारियों के लिए खास चिंता का विषय है। गर्मियों में सबसे लंबे दिन (समर सॉल्स्टिस) के मौके पर होने वाले इस देशव्यापी जश्न में गांवों के चौराहों, रेव वेन्यू और पेरिस के क्लबों में हजारों कॉन्सर्ट होते हैं, जिससे लोग एक साथ आते हैं और बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटक भी पहुंचते हैं।
सरकार ने म्यूजिक डे कार्यक्रमों के आयोजकों को शराब के इस्तेमाल को सीमित करने का आदेश दिया, ताकि ‘इमरजेंसी सेवाओं पर दबाव कम रहे और मेडिकल स्टाफ सबसे कमजोर लोगों की देखभाल पर ध्यान दे सके।’
अधिकारियों को खास तौर पर उन लोगों की चिंता है जो चिलचिलाती गर्मी में सड़कों पर रहते हैं, और नर्सिंग होम में रहने वाले या अपने घरों में अकेले रहने वाले बुजुर्गों की भी। वर्ष 2003 में पड़ी भीषण गर्मी में लगभग 15,000 बुजुर्गों की मौत हो गई थी, जो फ्रांस के लिए एक बड़ा सबक साबित हुई थी।
सरकार ने शनिवार को जंगल की आग से निपटने की तैयारी को और मजबूत करने की घोषणा की तथा फ्रांस के कई परमाणु रिएक्टरों तक पानी की आपूर्ति पर कड़ी निगरानी रखने का आदेश दिया।
सरकार ने कहा कि स्कूलों को बंद करने का फैसला अंतिम विकल्प के तौर पर लिया जाएगा। हालांकि दोपहर में होने वाली साल के अंत की परीक्षाओं को अगली सुबह तक टाला जा सकता है या उनका समय बदला जा सकता है।
प्रधानमंत्री सेबेस्टियन लेकोर्नू ने शनिवार को गर्मी के संकट पर सरकार की एक बैठक बुलाई और रविवार को एक और बैठक करने की योजना बनाई है। यह कदम राष्ट्रीय मौसम सेवा द्वारा गर्मी के ‘व्यापक, लंबे समय तक चलने वाले और तीव्र’ दौर की चेतावनी के बाद उठाया गया है। लेकोर्नू ने सरकारी मंत्रियों को निर्देश दिया कि वे भविष्य में हीटवेव (लू) का बेहतर ढंग से सामना करने के लिए फ्रांस को तैयार करने की योजना बनाएं, जिसमें ‘ज़रूरत पड़ने पर एयर कंडीशनिंग का इस्तेमाल’ भी शामिल है।
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved