जम्मू। जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट (Jammu and Kashmir High Court) ने भाजपा (BJP) के विरोध प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ का नारा (‘Pakistan Slogan’) लगाने के मामले में पार्टी के कुछ नेताओं के खिलाफ दर्ज आपराधिक कार्यवाही रद्द (Proceedings cancelled) कर दी है। अदालत ने कहा कि भाजपा की ओर से आयोजित प्रदर्शन में उसके कार्यकर्ताओं द्वारा ऐसा नारा लगाए जाने की कल्पना करना भी मुश्किल है। कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं की इस दलील पर विचार किया कि ‘पाकिस्तान मुर्दाबाद’ की जगह गलती से ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ निकल गया था।
लाइव लॉ की रिपोर्ट के मुताबिक, न्यायमूर्ति वी. श्रीशानंद ने सुनवाई के दौरान कहा कि इस बात की संभावना बेहद कम है कि भाजपा जैसी पार्टी के सदस्य इस तरह का नारा लगाएंगे। याचिकाकर्ताओं ने अदालत में दलील दी कि नारा लगाते समय उनकी जुबान फिसल गई थी और उनका किसी तरह की अशांति फैलाने या किसी समुदाय को निशाना बनाने का इरादा नहीं था।
मामला 18 दिसंबर 2022 का है। उस दिन भाजपा के कुछ नेताओं ने विरोध प्रदर्शन आयोजित किया था। आरोप था कि प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ के नारे लगाए। शिकायतकर्ता ने दावा किया था कि यह नारा सुनकर उसे मानसिक रूप से काफी परेशानी हुई। उसने संबंधित लोगों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की मांग की थी।
इसके बाद मंडा के वेस्ट पुलिस थाने में आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 153बी और 505(1)(बी) के तहत मामला दर्ज किया गया था। इसके खिलाफ याचिकाकर्ताओं ने हाईकोर्ट का रुख किया।
दो साल बाद दर्ज हुई थी शिकायत
हाईकोर्ट ने यह भी ध्यान दिया कि कथित घटना के करीब दो साल बाद केवल एक वीडियो रिकॉर्डिंग के आधार पर शिकायत दर्ज कराई गई थी। अदालत ने याचिकाकर्ताओं की दलीलों पर विचार करते हुए उनके खिलाफ दर्ज आपराधिक कार्यवाही को रद्द कर दिया।
अदालत ने टिप्पणी की कि भाजपा द्वारा आयोजित प्रदर्शन में ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ के नारे लगाए जाने की कल्पना नहीं की जा सकती। ऐसे में याचिकाकर्ताओं की यह दलील विचार योग्य है कि ‘मुर्दाबाद’ की जगह गलती से ‘जिंदाबाद’ शब्द निकल गया था।
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved