
डेस्क। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने कर्मचारियों के डीए एरियर मामले में सख्त रुख अपनाया है। हाईकोर्ट ने सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के बकाया महंगाई भत्ते (डीए) तथा एरियर भुगतान से जुड़े मामले में पंजाब के मुख्य सचिव पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगा दिया है। इस मामले में जवाब दाखिल ना करने पर पंजाब के मुख्य सचिव पर यह एक्शन लिया गया है। अदालत ने सरकार की लापरवाही पर नाराजगी जताई है और मुख्य सचिव को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश दिया है।
दरअसल, यह मामला सरकारी कर्मचारियों एवं पेंशनर्स के लंबित महंगाई भत्ते और एरियर से संबंधित है। याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया था कि सरकार ने समय पर डीए और एरियर का भुगतान नहीं किया है, जिससे कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को आर्थिक कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। हाईकोर्ट ने पहले भी इस मामले में सरकार को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया था, लेकिन सरकार ने आदेशों का पालन नहीं किया।
अदालत ने साफ तौर पर कहा कि सरकार द्वारा जवाब दाखिल न करना गंभीर लापरवाही है। इस पर नाराजगी जताते हुए कोर्ट ने पंजाब के मुख्य सचिव पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगा दिया। इसके साथ ही निर्देश दिया कि अगली सुनवाई में मुख्य सचिव व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में उपस्थित हों। अब इस मामले की अगली सुनवाई तीन नवंबर 2026 को होगी। हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के अधिकारों की रक्षा करना सरकार की जिम्मेदारी है। आदेशों की अवहेलना बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अदालत का यह कड़ा रुख इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि कई राज्यों में महंगाई भत्ते और एरियर के भुगतान को लेकर विवाद चलते रहते हैं। पंजाब में भी कर्मचारियों के संगठनों ने समय-समय पर इस मुद्दे पर आवाज उठाई है। हाईकोर्ट कोर्ट के इस आदेश के बाद पंजाब सरकार पर दबाव बढ़ गया है। मुख्य सचिव को न केवल जुर्माना जमा करना होगा, बल्कि अगली तारीख पर व्यक्तिगत रूप से जवाब भी देना होगा। यदि सरकार फिर से आदेशों का पालन नहीं करती है तो अदालत और सख्त कार्रवाई कर सकती है। यह मामला सरकारी कर्मचारियों के हितों से जुड़ा होने के कारण व्यापक चर्चा का विषय बन गया है।अब तीन नवंबर की सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved