
डेस्क: पंजाब विधानसभा में मंगलवार (27 अक्टूबर) को विशेष सत्र के आखिरी दिन सदन के बाहर और भीतर सत्ताधारी आम आदमी पार्टी (AAP) और विपक्षी कांग्रेस के नेताओं के बीच भारी हंगामा और धक्का मुक्की हुई. बताया जा रहा है कि यह पूरा हंगामा तब शुरू हुआ जब विधानसभा की कार्यवाही से निष्कासित कांग्रेस विधायक सुखपाल खैहरा ने पार्टी के विधायकों के साथ सदन में जाने का प्रयास किया. कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा में प्रवेश नहीं दिए जाने को लेकर नारेबाजी की और खेहरा के निलंबन के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया.
इस दौरान कांग्रेस विधायकों ने आरोप लगाया कि पार्टी के विधायकों को सदन में जाने से रोकने के लिए जान-बूझकर महिला मार्शलों की तैनाती की गई. विधायकों ने आरोप लगाया कि उन्हें जानबूझकर कार्यवाही में हिस्सा लेने से रोका जा रहा है. इसके बाद जब कांग्रेस के विधायक सदन की कार्यवाही से वॉकआउट करके बाहर पहुंचे तो मीडिया ब्रीफिंग के लिए लगाए गए पोडियम पर आम आदमी पार्टी के विधायकों के साथ उनकी पहले प्रेस कांफ्रेंस करने को लेकर बहस हो गई.
विधानसभा परिसर में मीडिया को बयान देने के दौरान आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के विधायक आमने-सामने आ गए. दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हुई और धक्का मुक्की की स्थिति बन गई. इससे विधानसभा परिसर में तनाव बढ़ गया. इसके बाद जब कांग्रेस विधायक सुखपाल खैहरा, नेता विपक्ष प्रताप सिंह बाजवा और पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष और विधायक परगट सिंह एवं अन्य विधायक ब्रीफिंग कर रहे थे तो इस दौरान आम आदमी पार्टी की महिला विधायक सरबजीत कौर मानूके उनके सामने ही आकर मीडिया ब्रीफिंग में दखल देती हुई दिखाई दी.
कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैरा को 23 अक्टूबर को सदन की शेष अवधि के लिए निलंबित कर दिया गया था. इस कार्रवाई के बाद से ही कांग्रेस की ओर से विरोध जताया जा रहा था. मंगलवार को सत्र के अंतिम दिन भी विवाद खत्म नहीं हुआ और खैरा के निलंबन के साथ-साथ कांग्रेस विधायकों को प्रवेश नहीं दिए जाने का मुद्दा प्रमुख बना रहा.
पंजाब विधानसभा में हुए भारी हंगामे को लेकर नेता विपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने आरोप लगाया कि उन्हें सदन में घुसने ही नहीं दिया गया और जान-बूझकर महिला मार्शलों को आगे खड़ा किया गया ताकि कांग्रेस के विधायकों पर महिलाओं के साथ बदसलूकी जैसे आरोप लग सकें. उन्होंने कहा कि जब सदन से बाहर आकर कांग्रेस के विधायकों ने मीडिया पोडियम पर अपनी बात रखनी चाही तब भी आम आदमी पार्टी के विधायकों ने आकर उनके साथ धक्का-मुक्की की.
कांग्रेस के विधायकों ने आम आदमी पार्टी के चुनाव चिन्ह झाड़ू को आग के हवाले कर दिया और पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी की. कांग्रेस विधायकों ने कहा कि पंजाब में इस वक्त ज्वलंत मुद्दे ड्रग्स और पंजाब की कानून-व्यवस्था है और इन मुद्दों पर भगवंत मान सरकार विफल रही है ऐसे में भगवंत मान को अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए. कांग्रेस के विधायकों ने मांग की कि सदन में इन सभी मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए लेकिन पंजाब सरकार चर्चा के लिए तैयार नहीं है. इसी वजह से विरोध स्वरूप आम आदमी पार्टी के चुनाव चिन्ह झाड़ू को आग के हवाले किया गया है. इस दौरान कांग्रेस के विधायक अपने गले में काले रंग का कपड़ा पहने हुए दिखे और उनके हाथ में पंजाब सरकार के खिलाफ पोस्टर थे.
वहीं दूसरी ओर बीजेपी के नेता और पूर्व मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू एक शराब की बोतल लेकर विधानसभा के बाहर पहुंचे. रवनीत बिट्टू ने कहा कि पहले वो सीएम आवास पर गए थे और वहां पर जब पता लगा कि मुख्यमंत्री विधानसभा आए हैं तो वो ये महंगी शराब की बोतल लेकर उन्हें देने के लिए विधानसभा पहुंचे हैं. उन्होंने कहा उन्हें अंदर नहीं जाने दिया जा रहा. रवनीत सिंह बिट्टू ने कहा कि ये महंगी शराब की बोतल फ्रांस में रह गई थी जिसे अब वो मुख्यमंत्री को हैंडओवर करने के लिए आए हैं.
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