
इंदौर। इंदौर में ऑपरेशन मैट्रिक्स 2.0 के तहत परदेशीपुरा पुलिस ने मल्टी-स्टेट साइबर फ्रॉड से जुड़े मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, एक बैंक खाते का इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम प्राप्त करने के लिए किया जा रहा था। इस खाते से मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश और कर्नाटक में दर्ज साइबर फ्रॉड की शिकायतों का संबंध सामने आया है। आरोप है कि बैंक खाते में प्राप्त रकम का 4 प्रतिशत कमीशन रखकर बाकी राशि दूसरे आरोपी को दे दी जाती थी। पुलिस ने चार बैंक खातों से संबंधित पासबुक, चेकबुक, डेबिट कार्ड सहित अन्य सामग्री जब्त की है। मामले में आगे की जांच जारी है।
दरअसल साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे ऑपरेशन मैट्रिक्स 2.0 के तहत परदेशीपुरा पुलिस ने गृह मंत्रालय के 14सी पोर्टल पर उपलब्ध डेटा की जांच की। इस दौरान सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की क्लर्क कॉलोनी शाखा में संचालित दिव्यांश वर्मा का खाता संदिग्ध म्यूल बैंक खाते के रूप में सामने आया। पुलिस के अनुसार, दिव्यांश अपने साथी रौनक उर्फ सतीश कुमार के कहने पर खाते में रकम प्राप्त करता था और 4 प्रतिशत कमीशन रखकर शेष राशि उसे सौंप देता था। फिलहाल पुलिस ने दिव्यांश वर्मा और रौनक उर्फ सतीश कुमार लोकवानी को गिरफ्तार किया है। जब्त सामग्री में चार बैंक खातों की पासबुक, चेकबुक और एटीएम-डेबिट कार्ड शामिल हैं। पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है और साइबर ठगी के नेटवर्क की जांच जारी है।
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