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प्रधानमंत्री आवास के बाहर हुए विपक्षी सांसदों के प्रदर्शन को लेकर सीजेआई को संयुक्त प्रतिवेदन सौंपा सैकड़ों अधिवक्ताओं ने

July 24, 2026


नई दिल्ली । सैकड़ों अधिवक्ताओं (Hundreds of Advocates) ने प्रधानमंत्री आवास के बाहर हुए विपक्षी सांसदों के प्रदर्शन को लेकर (Regarding protest staged by opposition MPs outside Prime Minister’s Residence) सीजेआई को संयुक्त प्रतिवेदन सौंपा (Submitted joint memorandum to CJI) ।

  • अधिवक्ताओं ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट से संज्ञान लेने और उच्च सुरक्षा वाले क्षेत्रों में बिना अनुमति होने वाले प्रदर्शनों को लेकर व्यापक दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की है। प्रतिवेदन में आरोप लगाया गया है कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, प्रियंका गांधी वाड्रा, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव सहित कई सांसद 21 जुलाई को बिना पूर्व अनुमति या अधिकृत स्वीकृति के प्रधानमंत्री के आधिकारिक आवास के बाहर एकत्र हुए।

    अधिवक्ताओं का कहना है कि प्रधानमंत्री आवास राष्ट्रीय सुरक्षा की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील और उच्च सुरक्षा वाला क्षेत्र है, इसलिए इस प्रकार का प्रदर्शन सुरक्षा व्यवस्था, सार्वजनिक व्यवस्था और कानून के शासन से जुड़े गंभीर सवाल खड़े करता है। प्रतिवेदन में सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध किया गया है कि वह इस पूरे घटनाक्रम का परीक्षण करे, यह निर्धारित करे कि क्या मामला न्यायिक हस्तक्षेप की मांग करता है, और भविष्य में उच्च सुरक्षा वाले संरक्षित क्षेत्रों में किसी भी अनधिकृत प्रदर्शन या भीड़ जुटाने को रोकने के लिए स्पष्ट एवं व्यापक दिशानिर्देश जारी करने पर विचार करे।

    अधिवक्ताओं ने अपने प्रतिवेदन में कहा है कि शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है, लेकिन इसका प्रयोग संविधान और कानून की सीमाओं के भीतर ही होना चाहिए। विशेष रूप से उन स्थानों पर, जहां राष्ट्रीय सुरक्षा और संवैधानिक पदाधिकारियों की सुरक्षा का प्रश्न जुड़ा हो, वहां कानून का पालन सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। 21 जुलाई को जंतर-मंतर पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (सीजेपी) के संसद मार्च में शामिल छात्रों पर दिल्ली पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज के विरोध में अगले दिन विपक्षी सांसदों ने प्रधानमंत्री आवास के पास धरना-प्रदर्शन किया था। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में आयोजित इस विरोध प्रदर्शन में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे समेत कई विपक्षी सांसद शामिल हुए थे।

    प्रदर्शन के दौरान सांसद प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री के इस्तीफे की मांग करते हुए सड़क पर बैठ गए थे। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। इसी बीच केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे थे और राहुल गांधी से मुलाकात कर प्रदर्शन समाप्त करने की अपील की थी। दोनों नेताओं के बीच कुछ देर तक बातचीत भी हुई थी। अब इस पूरे घटनाक्रम को लेकर देशभर के अधिवक्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाते हुए मांग की है कि भविष्य में उच्च सुरक्षा वाले क्षेत्रों में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए न्यायालय स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करे।

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