
डेस्क: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इन दिनों लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं, एक बार वो फिर विवादों में आ गए हैं, लेकिन इस बार विवाद किसी बयान को लेकर नहीं बल्कि एक तस्वीर से जुड़ा है. ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर एक ऐसी तस्वीर पोस्ट की थी जिसमें उन्हें यीशु के रूप में दिखाया गया था. तस्वीर सामने आने के बाद उनकी काफी आलोचना हो रही है, उन पर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप लगा है. हालांकि ट्रंप ने इस तस्वीर को बाद में हटा लिया. अब इस तस्वीर पर उनका बयान सामने आया है. जिसमें उन्होंने एक अलग ही तर्क दिया है.
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर पोस्ट की गई तस्वीर में राष्ट्रपति ट्रंप को लाल और सफेद रंग के कपड़ों में दिखाया गया है, जिसमें वे एक बीमार शख्स के माथे को छूते हुए नजर आ रहे हैं और उनके हाथ और सिर से तेज रोशनी निकल रही है. तस्वीर के बैकग्राउंड में एक अमेरिकी झंडा लहरा रहा था, वहीं कई लोग श्रद्धापूर्वक राष्ट्रपति की ओर देख रहे हैं.
AI से बनी तस्वीर इस तस्वीर को रविवार रात पोस्ट किया गया था हालांकि अगले ही दिन सोमवार को इसे हटा दिया गया. वहीं जब इस तस्वीर के बारे में ट्रंप से सवाल किया तो उन्हें अपनी सफाई में कहा कि उनका इरादा खुद को Jesus Christ के रूप में पेश करने का नहीं था.
मीडिया से बात करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि ‘मैंने इसे पोस्ट किया था, और मुझे लगा कि इसमें मैं एक डॉक्टर के रूप में हूं और मुझे रेड क्रॉस के लिए काम करना है. इसमें मुझे एक डॉक्टर के रूप में दिखाया गया है, जो लोगों को ठीक कर रहा है, और मैं लोगों को ठीक करता भी हूं. मैं लोगों को बहुत बेहतर बनाता हूं’.
वहीं कई लोगों ने इस तस्वीर को Jesus Christ से जोड़कर देखा. इस तस्वीर के सामने आते ही कई धार्मिक नेताओं और खासतौर पर रूढ़िवादी ईसाई समूहों में नाराजगी फैल गई. ट्रंप के समर्थक माने जाने वाले कुछ प्रमुख कंज़र्वेटिव ईसाइयों ने भी इसे ईशनिंदा करार दिया. कंज़र्वेटिव पत्रकार मेगन बाशन (Megan Basham) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह पोस्ट बेहद आपत्तिजनक है और ट्रंप को तुरंत माफी मांगनी चाहिए.
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved