भिंड। शहर के गर्ल्स स्कूल वाली गली में बुधवार रात एक मकान का फर्श अचानक धंसने (The floor of the house caving in) से 45 वर्षीय महिला पलंग (Bad) समेत करीब 15 से 16 फीट गहरे गड्ढे में जा गिरी। महिला (Woman fell into a pit) कमरे में पलंग की चादर बदल रही थी, तभी यह हादसा हुआ। गनीमत रही कि परिजनों और पड़ोसियों की मदद से उन्हें सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। महिला को चोटें आई हैं और अस्पताल में उनका इलाज जारी है।
मकान मालिक पं. अनुराग मिश्रा के मुताबिक, उनके चचेरे भाई आदित्य मिश्रा की पत्नी निशि मिश्रा कमरे में पलंग की चादर बदल रही थीं। इसी दौरान अचानक कमरे का फर्श भरभराकर नीचे धंस गया और निशि पलंग समेत जमीन के अंदर बने गहरे गड्ढे में जा गिरीं। हादसे के समय परिवार के सदस्य एक निमंत्रण में शामिल होने के लिए घर से बाहर गए हुए थे।
आजादी से पहले अनाज रखने के लिए बनाई गई थी खंती
मकान मालिक अनुराग मिश्रा के अनुसार, इस हादसे की वजह मकान के नीचे मौजूद करीब एक सदी पुरानी भूमिगत संरचना हो सकती है। उनके परदादा पंडित मदन मोहन मिश्रा सिंधिया स्टेट में ऑनरेरी मजिस्ट्रेट थे। वे वनखंडेश्वर महादेव मंदिर के माफीदार पुजारी भी थे। उस समय आसपास के क्षेत्र से कर वसूली और अनाज जमा करने की जिम्मेदारी उनके पास थी। अनाज सुरक्षित रखने के लिए जमीन के भीतर गल्ले की खंती बनाई गई थी। इसी स्थान पर उस दौर में कचहरी भी लगती थी। बाद में इस भूमिगत संरचना के ऊपर मकान बना दिया गया।
पानी के रिसाव से खोखली होती गई जमीन
अनुराग मिश्रा ने बताया कि वर्ष 1980 में उनके पिता और चाचा ने पुराने मकान का पुनर्निर्माण कराया था। उस दौरान अनाज रखने वाली खंती को बंद कर दिया गया था। उनका मानना है कि जमीन के भीतर पानी का रिसाव होने से खंती में भरी मिट्टी धीरे-धीरे बहती रही। इससे अंदर बड़ा खाली स्थान बन गया।
बुधवार रात मिट्टी का दबाव बढ़ने से अचानक कमरे का फर्श धंस गया। गड्ढे के निचले हिस्से में पानी भी भरा हुआ है। इस घटना ने पुराने मकानों के नीचे मौजूद भूमिगत संरचनाओं की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। खासकर उन इलाकों में खतरा बढ़ सकता है, जहां पुरानी खंतियों, कुओं या अन्य भूमिगत निर्माणों को बंद कर उनके ऊपर मकान बना दिए गए हैं।
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