
इंदौर। घर में जलते चूल्हे (Burning Stoves) के पास मासूम (Innocent) को अकेला छोड़ने की लापरवाही ने एक बार फिर दर्दनाक स्थिति पैदा कर दी। महज 10 माह का बालक पांच महीने (five months) में दूसरी बार चूल्हे में गिरकर बुरी तरह झुलस (Scorch) गया। पहली घटना में उसके एक हाथ की सभी उंगलियां काटनी पड़ी थीं, वहीं अब दूसरी बार दोनों पैर बुरी तरह जलने से एक पैर की सभी उंगलियां सर्जरी कर निकालनी पड़ीं। बालक का इंडेक्स मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में उपचार चल रहा है। डॉक्टरों के अनुसार फिलहाल वह खतरे से बाहर है।
एक जैसी घटना दो बार होना और एक मासूम का गंभीर हालत में पहुंचना चाइल्डलाइन के गले की हड्डी बन गया है। चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर एक अज्ञात शिकायतकर्ता ने गंभीर मामले की जानकारी दी तो जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग रजनीश सिन्हा के निर्देशपर हेल्पलाइन की टीम 6 नवंबर को बालक का हाल जानने इंडेक्स अस्पताल पहुंची। समन्वयक फूलसिंह कारपेंटर, केस वर्कर सुनील राठौड़ और खुड़ैल थाने के पंकज राजपूत ने परिजनों से घटना की जानकारी ली। मां ने बताया कि पांच महीने पहले भी बालक जलते चूल्हे में गिर गया था। उस समय उसके हाथ की सभी उंगलियां काटनी पड़ी थीं। अब दोबारा वह खाना बना रही थी और सामान लेने दूसरे कमरे में चली गई। इसी दौरान बालक जलते चूल्हे में गिर गया। परिजन उसे पहले नजदीकी अस्पताल ले गए, जहां बड़े अस्पताल ले जाने की सलाह दी गई, लेकिन वे उसे घर ले आए। दो से तीन दिन बाद इंडेक्स अस्पताल लेकर पहुंचे। तब तक बालक के दोनों पैर बुरी तरह खराब हो चुके थे। उसकी सर्जरी कर एक पैर की सभी उंगलियां निकालनी पड़ीं।
परिजनों के जवाबों से संतुष्ट नहीं टीम
पांच महीने में दूसरी बार इतनी गंभीर घटना होने और परिजनों के संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर चाइल्ड हेल्पलाइन ने मामले को गंभीरता से लिया है। बालक की सुरक्षा और भविष्य में ऐसी घटना की पुनरावृत्ति रोकने के लिए परिजनों के निवास क्षेत्र के संबंधित थाने से जांच और आवश्यक कार्रवाई कराने की प्रक्रिया की जा रही है।
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