
नई दिल्ली। ईरान (Iran) और क्षेत्रीय तनाव के बीच संभावित तेल और गैस संकट (Oil and Gas Crisis) को देखते हुए भारतीय सेना (Indian Army) ने ऊर्जा बचत और वैकल्पिक स्रोतों पर आधारित एक बड़ा रणनीतिक प्लान तैयार किया है। सेना आने वाले समय में एलपीजी (LPG) और पारंपरिक ईंधन की खपत को कम करते हुए वैकल्पिक ऊर्जा साधनों की ओर तेजी से कदम बढ़ा रही है।
रिपोर्ट के अनुसार, सेना ने बायोगैस स्टोव्स की खरीद के लिए ऑर्डर जारी कर दिए हैं। इसके साथ ही फ्यूल की बचत के लिए जवानों के मूवमेंट को 400 किलोमीटर के दायरे तक सीमित करने की योजना भी बनाई गई है। अधिकारियों के मुताबिक, यह बदलाव ऑपरेशनल क्षमता को प्रभावित किए बिना लागू किया जाएगा।
फ्यूल बचाने के लिए नई रणनीति
सेना में वाहनों की पूलिंग और एक साथ कई कार्यों को निपटाने की योजना तैयार की गई है, जिससे ईंधन की खपत कम की जा सके। इसके अलावा इलेक्ट्रिक वाहनों और सीएनजी के उपयोग को भी बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। कुछ कदम पहले ही लागू किए जा चुके हैं, जबकि कुछ अगले एक-दो हफ्तों में लागू किए जाएंगे। सेना की ओर से हवाई गतिविधियों को भी सीमित करने की योजना बनाई जा रही है ताकि फ्यूल की खपत को नियंत्रित किया जा सके, लेकिन इससे परिचालन क्षमता पर कोई असर न पड़े।
नवीकरणीय ऊर्जा की ओर कदम
सेना के आंकड़ों के मुताबिक, रोजाना लगभग 1,56,000 किलो कुकिंग गैस का उपयोग होता है। बायोगैस के इस्तेमाल से इसमें करीब 20 प्रतिशत तक की बचत संभव है। इसके अलावा लगभग 2 लाख वाहनों के बेड़े में बड़ी मात्रा में ईंधन की खपत होती है। भविष्य की योजना के तहत सेना अगले पांच वर्षों में खाली क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर सोलर प्लांट और पवन ऊर्जा परियोजनाएं स्थापित करने पर भी काम कर रही है।
समुद्री मार्गों पर सतर्कता
इसी बीच पश्चिम एशिया में तनाव के बीच एक भारतीय ध्वज वाले तेल टैंकर ने होर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित पार कर लिया है। यह घटना उस समय हुई जब क्षेत्र में सुरक्षा चिंताओं के कारण कुछ अन्य जहाजों को वापसी करनी पड़ी थी। सरकारी जानकारी के अनुसार, ‘देश गरिमा’ नामक यह टैंकर 18 अप्रैल को इस संवेदनशील जलमार्ग से गुजरा और 22 अप्रैल को मुंबई पहुंचने की उम्मीद है। इस जहाज पर 31 भारतीय नाविक सवार थे।
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