तेहरान। अमेरिका और ईरान (America and Iran) के बीच जारी तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने तेहरान (Tehran) को एक बार फिर तबाह करने की धमकी दी है। ट्रंप ने कहा है कि जरूरत पड़ने पर अमेरिका ईरान के बाकी हिस्सों को भी निशाना बना सकता है। वहीं, दूसरी ओर रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ईरान को युद्ध खत्म कराने में हर संभव मदद का भरोसा दिया है। मॉस्को में ईरान के सुरक्षा प्रमुख मोहसेन रेजाई से मुलाकात के दौरान पुतिन ने ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमलों की निंदा भी की। ऐसे में एक तरफ अमेरिका का दबाव बढ़ रहा है, तो दूसरी तरफ रूस ईरान के समर्थन में खड़ा दिखाई दे रहा है।
परमाणु हथियार नहीं बनाने देंगे: ट्रंप
ट्रंप ने गुरुवार को व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर सख्त रुख दोहराया। उनसे पूछा गया था कि क्या ईरान के वार्ताकार परमाणु कार्यक्रम सीमित करने के अमेरिका के नए प्रस्ताव पर विचार कर रहे हैं। इस पर ट्रंप ने कहा कि ईरान अमेरिका की मंजूरी के बिना कुछ नहीं कर सकता। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान को किसी भी सूरत में परमाणु हथियार बनाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका जल्द फैसला करेगा कि ईरान के खिलाफ आगे क्या कार्रवाई की जाए। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, “मैं संभव हो तो देश के बाकी हिस्सों को तबाह नहीं करना चाहूंगा, लेकिन शायद मुझे ऐसा करना पड़े। आपको जल्द ही पता चल जाएगा।” उन्होंने दावा किया कि फरवरी में शुरू हुए अमेरिका-इजरायल युद्ध के बाद ईरान को दोबारा खड़ा होने में 25 साल लग सकते हैं। हालांकि, उन्होंने आगे की सैन्य कार्रवाई को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी।
पुतिन ने ईरान को दिया हर संभव मदद का भरोसा
इस बीच ईरान के सुरक्षा प्रमुख मोहसेन रेजाई ने गुरुवार को मॉस्को में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की। ईरानी सरकारी प्रसारक प्रेस टीवी के मुताबिक, रेजाई ने बताया कि पुतिन ने युद्ध समाप्त कराने के लिए हर संभव प्रयास करने का भरोसा दिया है। उन्होंने ईरान के परमाणु ठिकानों पर हुए हमलों की निंदा करते हुए मौजूदा संघर्ष को गलत बताया।
रेजाई ने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई का संदेश भी पुतिन तक पहुंचाया। इसके जवाब में पुतिन ने ईरानी नेता को शुभकामनाएं और अपना अभिवादन भेजा। दोनों नेताओं के बीच क्षेत्रीय हालात, युद्ध के बाद की परिस्थितियों और भविष्य की सुरक्षा व्यवस्था पर भी चर्चा हुई।
बैठक में ऊर्जा सहयोग का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। दोनों पक्षों ने रूस से ईरान तक गैस पाइपलाइन बनाने की योजना पर चर्चा की। रेजाई के मुताबिक, इस परियोजना से ईरान में गैस की कमी दूर करने में मदद मिल सकती है। साथ ही रूस को पड़ोसी देशों तक गैस पहुंचाने का अवसर मिलेगा।
होर्मुज खोलने के लिए ईरान ने रखीं सात शर्तें
अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत की कोशिशें जारी हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस सहमति नहीं बन पाई है। वार्ता में होर्मुज जलडमरूमध्य, ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी रोक, आर्थिक प्रतिबंध और ईरान के परमाणु कार्यक्रम जैसे मुद्दे शामिल हैं।
रेजाई ने पुतिन को बताया कि ईरान ने अमेरिका के सामने सात शर्तें रखी हैं। ईरान का कहना है कि जब तक अमेरिका इन शर्तों को पूरा नहीं करता, तब तक होर्मुज जलडमरूमध्य नहीं खोला जाएगा और न ही बातचीत दोबारा शुरू होगी।
रूसी दूत से मिले ट्रंप, यूक्रेन युद्ध पर भी की बात
इधर, ट्रंप ने गुरुवार को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के विशेष दूत किरिल दिमित्रिएव से भी मुलाकात की। इसके बाद उन्होंने रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर दावा किया कि दोनों देश समझौते के काफी करीब हैं। ट्रंप ने कहा कि युद्ध समाप्त करने के लिए होने वाला समझौता केवल यूक्रेन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसमें पूरे यूरोप की भूमिका हो सकती है।
उन्होंने इसे बड़ा समझौता बताते हुए उम्मीद जताई कि इससे सभी पक्ष संतुष्ट होंगे। हालांकि, ट्रंप ने स्पष्ट किया कि गुरुवार को उनकी यूक्रेनी प्रतिनिधिमंडल से कोई मुलाकात नहीं हुई।
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