
भाजपाइयों का आरोप- रिपोर्ट लिखाने गए पुजारी और कार्यकर्ता को पुलिस ने बंद कर पीटा, देर रात अफसर भी थाने पहुंचे
इन्दौर। रात को एरोड्रम इलाके (Aerodrome areas) में एक मंदिर (Temple) के पुजारी (priest) और उनके पड़ोसियों के बीच विवाद हो गया। इस विवाद ने थाने पहुंचते ही बड़ा रूप ले लिया। पुजारी तथा उनके साथी ने आरोप लगाए कि उनकी फरियाद सुनने के बजाय पुलिस वालों ने उन्हें थाने में बंद कर दिया और मारपीट की। घटना की जानकारी लगते ही भाजपा कार्यकर्ताओं की भीड़ थाने पहुंच गई और थाने का घेराव करते हुए अड़ गए कि टीआई सहित मारपीट करने वाले पुलिस वालों पर कार्रवाई करते हुए उन्हें सस्पेंड किया जाए। बाद में मौके पर पहुंचे अफसरों ने टीआई को हटाने की बात कही और मारपीट करने वाले पुलिस वालों को सस्पेंड कर दिया।
मरीमाता मंदिर के पुजारी जयदीप दुबे एरोड्रम इलाके में रहते हैं। कल शाम को उनका पड़ोसी से विवाद हुआ। विवाद की जानकारी दुबे ने विधायक गोलू शुक्ला को दी और विवाद तथा उनके साथ हुई मारपीट का वीडियो भी भेजा। वीडियो देखने के बाद विधायक ने थाने पहुंचकर शिकायत करने को कहा, जिसके बाद दुबे एरोड्रम थाने पहुंचे और रिपोर्ट पुलिसकर्मियों से लिखने को कहने लगे। पुलिस वाले पुजारी को टालते रहे और रात 11 बजे तक सुनवाई नहीं हुई। आरोप है कि टीआई से फोन पर बात की गई तो उन्होंने बताया कि पहले मेडिकल कराया जाएगा, फिर केस दर्ज होगा। इस बीच भाजपा कार्यकर्ता पंकज चौबे भी थाने पहुंच जाता है और रिपोर्ट में होने वाली देरी को लेकर सवाल-जवाब करता है। पंकज और पुजारी का कहना है कि मौके पर मौजूद एक थानेदार सहित प्रधान आरक्षक और सिपाही उन्हें थाने में बंद कर देते हैं और उनके साथ मारपीट करते हैं। घटना की जानकारी लगते ही भाजपा के 100 से 150 कार्यकर्ता थाने पर पहुंच जाते हैं और पुलिस द्वारा किए गए अभद्र व्यवहार को लेकर प्रदर्शन शुरू कर देते हैं। कार्यकर्ताओं के हंगामे की खबर लगते ही डीसीपी नरेंद्र रावत, एडीसीपी अमरेंद्रसिंह सहित थाना प्रभारी और अन्य अधिकारी रात करीब 12 बजे मौके पर पहुंचते हैं और भाजपा कार्यकर्ताओं से बात करते हुए मामले को शांत करने का प्रयास करते हैं। कार्यकर्ता विधायक गोलू शुक्ला की बात भी अधिकारियों से करवाते हैं। कार्यकर्ता इस मांग पर अड़ गए कि पूरे घटनाक्रम का सीसीटीवी फुटेज देखा जाए, जिसमें पुजारी और चौबे से मारपीट हो रही है। विवाद रात ढाई बजे तक चलता रहा और फिर अधिकारियों ने एरोड्रम टीआई तरुण भाटी को लाइन अटैच करने की बात कही, वहीं थानेदार नूर हुजूर सहित एएसआई मुकेश परमार, हैड कांस्टेबल विजय और संतरी को बर्खास्त किया।
पड़ोसियों से विवाद तो दब गया, दूसरा बवाल हो गया
पुजारी जयदीप दुबे से पड़ोसियों का विवाद हुआ था, जिसको लेकर वह कार्रवाई करवाना चाहते थे, लेकिन थाने जाने के बाद मामला दूसरा ही हो गया और यह विवाद पुलिस बनाम भाजपा कार्यकर्ताओं का हो गया। कार्यकर्ताओं का आरोप था कि उनके कार्यकर्ता से पुलिस ने मारपीट की। हालांकि इस मामले में बाद में पुजारी की ओर से केस दर्ज कर लिया गया, लेकिन एक मामूली से विवाद में भाजपा की दखलंदाजी सवाल पैदा कर गई।
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